कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: हुगली नदी पर 500 नावों के साथ अनोखा योग प्रदर्शन
कोलकाता में योग दिवस का भव्य आयोजन
कोलकाता: इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक विशेष दृश्य देखने को मिलेगा। कोलकाता इस बार राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है, जिसका मुख्य कार्यक्रम प्रसिद्ध रेड रोड पर होगा। लेकिन सबसे खास बात यह है कि हुगली नदी के बीच में 500 से अधिक नावों पर एक साथ योग सत्र का आयोजन किया जाएगा।
हुगली नदी पर अद्भुत योग प्रदर्शन
हुगली नदी पर एक अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा, जहां बाबूघाट पर 500 से अधिक यात्री और टूरिस्ट नावें एकत्रित होंगी। आयोजन समिति इन नावों को इस तरह से व्यवस्थित करेगी कि आसमान से देखने पर पानी में विभिन्न योग मुद्राओं जैसी आकृतियाँ बनेंगी। यह अनूठा प्रदर्शन पश्चिम बंगाल की रिवर कल्चर को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा।
कोलकाता में ड्रोन शो और कला प्रतियोगिताएं
योग दिवस के इस उत्सव को लेकर कोलकाता में उत्साह का माहौल है। 21 जून के मुख्य कार्यक्रम से पहले कई गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसकी शुरुआत 19 जून को कोलकाता के 11 स्थानों पर 'रन टू मेडिटेशन' पहल के साथ हुई। इसके अलावा, 'साइकिलिंग फॉर वेलनेस', स्कूलों और दफ्तरों में विशेष सत्र और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए योग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
आयोजन की तारीखें
20 जून को हुगली नदी के किनारे सांस्कृतिक संध्या और कला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, शहर को विशेष रोशनी से सजाया जाएगा और लगभग 3,000 ड्रोन के माध्यम से एक मेगा ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा, जो भारत की योग यात्रा और महान योग गुरुओं को समर्पित होगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की मेज़बानी पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने कोलकाता को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक विरासत का केंद्र बताया और कहा कि योग दुनिया को भारत का अनमोल उपहार है, जो समाज की सभी दीवारों को तोड़कर लोगों को शारीरिक और मानसिक शांति के लिए एक सूत्र में पिरोता है। मुख्यमंत्री ने आयुष मंत्रालय की भी सराहना की है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी। इसलिए, मध्य कोलकाता के रेड रोड और मैदान क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से अभेद्य किला बना दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी लगभग 4,000 पुलिसकर्मियों को सौंपी गई है। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास की निगरानी के लिए खोजी ड्रोन, अत्याधुनिक निगरानी वाहन और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
