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कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का ढांचा गिरा: 45 लोग फंसे होने की आशंका

कोलकाता के तारातला में एक निर्माणाधीन गोदाम का ढांचा गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 45 लोग मलबे में फंसे होने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कई मजदूर काम कर रहे थे। प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिया है, जिसमें गैस कटर और भारी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। घटनास्थल से मिली तस्वीरें और वीडियो इस हादसे की गंभीरता को दर्शाते हैं। जानें इस घटना के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
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कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का ढांचा गिरा: 45 लोग फंसे होने की आशंका

कोलकाता में बड़ा हादसा


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला क्षेत्र में मंगलवार को एक निर्माणाधीन गोदाम की छत और सहारा देने वाले लोहे के ढांचे के अचानक गिरने से एक बड़ा हादसा हुआ। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते बचाव कार्य जारी है।


प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही

जानकारी के अनुसार, यह गोदाम परिवहन विभाग से संबंधित था और सुबह के समय मजदूर सामान्य कार्य में लगे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से पहले गोदाम की संरचना में इस्तेमाल किया गया एक लोहे का बीम अपनी जगह से खिसक गया था और कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त हो गया था। मजदूर और तकनीकी कर्मचारी उसे संभालने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक पूरा ढांचा तेज आवाज के साथ गिर पड़ा।




आपातकालीन प्रतिक्रिया

हादसे के तुरंत बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचित किया। कुछ ही समय में पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन टीमों और अन्य बचाव एजेंसियों के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। घायल मजदूरों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।


मलबे में दबे लोगों की संख्या

बचाव दल गैस कटर और अन्य भारी उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 40 से 45 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक संख्या का पता तब चलेगा जब बचाव कार्य पूरा होगा।


प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय गोदाम परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे। परिसर में एक अस्थायी कार्यालय भी था, जहां कुछ कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक ढांचा गिरने से वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।


घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरें और वीडियो हादसे की गंभीरता को दर्शाते हैं। प्रशासन ने कहा है कि प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की है। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, और मलबे में फंसे लोगों की खोज के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं。