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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। इस घटना में 11 लोगों की जान गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कई अधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है। प्रशासन ने अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जांच में एटीएस भी शामिल हो गई है, जो यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विस्फोटक सामग्री कैसे फैक्ट्री में पहुंची।
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मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

कौशांबी: पटाखा फैक्ट्री में हुए भयंकर विस्फोट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। इस मुठभेड़ में नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह मुठभेड़ तड़के चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील गांव के पास हुई।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि नौशाद तेरह मील गांव के निकट मौजूद है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने सुबह लगभग 4 बजे इलाके को घेर लिया। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


अवैध हथियारों की बरामदगी

पुलिस ने नौशाद के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। घायल नौशाद का इलाज अस्पताल में चल रहा है, और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि विस्फोट में उसकी भूमिका और अन्य पहलुओं की जांच की जा सके।


पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। लापरवाही के आरोपों के चलते पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा, चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को भी लाइन हाजिर किया गया है। बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को निलंबित कर दिया गया है।


विस्फोट की गंभीरता

सोमवार को पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी कस्बे में एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ था। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इस भीषण विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।


आगे की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में नौशाद, शकील, उसके बेटे आदिल, पत्नी शबाना, कहकशा और बेटी शाइना को नामजद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं।


अवैध फैक्ट्री का संचालन

नौशाद ने अपने बेटे आदिल के नाम से 'आदिल डीजे' के तहत पटाखा फैक्ट्री चलाई थी। चर्चा है कि जिला प्रशासन ने दो साल पहले फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद यह फिर से संचालित हो रही थी। जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु फैक्ट्री के लाइसेंस और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से संबंधित दस्तावेज हैं।


प्रशासन की कार्रवाई

हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मनौरी कस्बे में एक घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद संबंधित मकान को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया।


जांच का दायरा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। एटीएस भी मामले की जांच में शामिल हो गई है, और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फैक्ट्री में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची और भंडारण के नियमों का पालन हुआ या नहीं।