क्या पीएम मोदी ने दिया इस्तीफा? जानिए वायरल पत्र की सच्चाई
सोशल मीडिया पर फैली अफवाह
नई दिल्ली: वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया सूचना का सबसे तेज़ माध्यम बन गया है, लेकिन इसके साथ ही यह भ्रामक और झूठी खबरों का भी केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फर्जी पत्र तेजी से फैल रहा है। इस पत्र के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत साबित हुआ है।
वायरल पत्र का विवरण
इस वायरल पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश की है। पत्र पर हस्ताक्षर भी दिखाए गए हैं, जिससे कई लोग धोखे में आकर इसे सच मानने लगे। यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस पत्र की किसी भी गतिविधि या आधिकारिक सूचना की पुष्टि नहीं की है।
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाला एक पत्र प्रसारित किया जा रहा है।#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 30, 2026
❌ यह पत्र #फर्जी है।
✅ प्रधानमंत्री द्वारा ऐसा कोई पत्र न तो जारी किया गया है और न ही उस पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
⚠️ किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक… pic.twitter.com/ktqV0aZDaN
फैक्ट-चेकिंग से खुलासा
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक टीम ने तुरंत इसकी जांच की। जांच के बाद PIB ने इस दावे को पूरी तरह से खंडित करते हुए इसे फर्जी बताया। PIB ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो पत्र प्रसारित हो रहा है, वह पूरी तरह से झूठा है। प्रधानमंत्री द्वारा ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही उस पर कोई हस्ताक्षर किए गए हैं।
जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील
PIB और अन्य तथ्य-जांच एजेंसियों ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे बिना सत्यता जाने सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा न करें। किसी भी समाचार पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक सरकारी स्रोतों (जैसे PIB या संबंधित मंत्रालयों की वेबसाइट) से अवश्य करें। डिजिटल सुरक्षा के लिए ऐसी अफवाहों से बचना और सतर्क रहना सबसे प्रभावी उपाय है।
