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क्या है 'ऑपरेशन सिंदूर' की कहानी? जानें अजीत डोभाल की जुबानी

डॉक्यूमेंट्री 'Declassified: Operation Sindoor' में अजीत डोभाल ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया और 'ऑपरेशन सिंदूर' की रणनीति का खुलासा किया है। जानें कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले के बाद त्वरित निर्णय लिया और भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती दी। यह कहानी न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
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नई दिल्ली में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम


नई दिल्ली: पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब में थे, लेकिन जैसे ही उन्हें इस त्रासदी की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत अपना दौरा समाप्त कर स्वदेश लौटने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज "Declassified: Operation Sindoor" में इस घटना की गहराई से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो उनका रुख बेहद गंभीर था और उन्होंने सबसे पहले यह जानना चाहा कि इस हमले के पीछे कौन है।


भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति

आतंकवाद पर भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति


डॉक्यूमेंट्री में डोभाल ने स्पष्ट किया कि जब देश की संप्रभुता पर खतरा होता है, तो भारत किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में भारत अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ने का जज्बा रखता है।


डोभाल ने प्रधानमंत्री के बयान को दोहराते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' केवल एक तात्कालिक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह आज भी प्रभावी है। इसका मतलब है कि जब तक अंतिम आतंकवादी का सफाया नहीं हो जाता, तब तक भारत का यह अभियान जारी रहेगा।


दिल्ली एयरपोर्ट पर रणनीति की तैयारी

दिल्ली एयरपोर्ट पर बनी कार्रवाई की रणनीति


डोभाल ने बताया कि 15 अगस्त 2026 की रात 9 बजे डिस्कवरी और discovery+ पर प्रसारित होने वाले इस विशेष साक्षात्कार में विदेश सचिव और सुरक्षा तंत्र के प्रमुख अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। तुरंत एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई गई।


पीएम मोदी ठोस सबूतों की मांग कर रहे थे। NSA डोभाल के अनुसार, इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी सहनशीलता को कमजोरी नहीं बनने देगा और जरूरत पड़ने पर बिना किसी परिणाम की परवाह किए करारा प्रहार करेगा।


88 घंटे तक चला निर्णायक 'ऑपरेशन सिंदूर'

88 घंटे तक चला निर्णायक 'ऑपरेशन सिंदूर'


पहलगाम हमले का जवाब देने के लिए भारत ने 7 मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर सटीक सैन्य हमले शुरू किए। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से संचालित आतंकी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करना था। जब पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, तो भारतीय सशस्त्र बलों ने और अधिक तीव्रता से जवाबी कार्रवाई की। यह अभूतपूर्व सैन्य संघर्ष 88 घंटे तक चला, जो 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच बनी एक आपसी सहमति के बाद समाप्त हुआ।