क्या है नया कानून? 'वंदे मातरम्' को मिला राष्ट्रगान जैसा दर्जा
महत्वपूर्ण कदम: 'वंदे मातरम्' को मिला कानूनी संरक्षण
नई दिल्ली: भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'वंदे मातरम् बिल' पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ, 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' अब पूरे देश में कानून के रूप में लागू हो गया है। इस नए कानून के अंतर्गत 'वंदे मातरम्' को वही कानूनी दर्जा और सुरक्षा प्राप्त होगी, जो पहले से राष्ट्रगान 'जन गण मन' को मिलती रही है। इसका मतलब है कि जानबूझकर 'वंदे मातरम्' गाने से रोकना या इसे गाते समय किसी प्रकार की बाधा डालना अब एक कानूनी अपराध होगा।
संविधान सभा का ऐतिहासिक निर्णय
प्रोटोकॉल और 1950 का ऐतिहासिक फैसला
संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को स्पष्ट किया था कि स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान सम्मान और दर्जा दिया जाएगा। इसी वर्ष 28 जनवरी को सरकार ने राष्ट्रगीत के लिए एक प्रोटोकॉल भी जारी किया था।
लाल किले पर गूंजेगा 'वंदे मातरम्'
लाल किले से पहली बार गूंजेगा राष्ट्रगीत
सरकारी कार्यक्रमों जैसे राष्ट्रपति के आगमन, झंडारोहण या राज्यपाल के भाषण में 'वंदे मातरम्' के सभी 6 पद 3 मिनट 10 सेकंड में गाए जाएंगे। जहां भी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत एक साथ होंगे, वहां पहले राष्ट्रगीत गाया जाएगा और सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
15 अगस्त को लाल किले के मुख्य समारोह में पहली बार प्राचीर से 'वंदे मातरम्' गाया जाएगा। इसे राज्यसभा ने 29 जुलाई को पारित किया था, और अगले दिन यह लोकसभा से भी पास हो गया।
कानून में बदलाव: पहले और अब
पहले क्या था नियम और अब क्या बदलेगा?
पहले लागू 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' के तहत केवल राष्ट्रगान के अपमान या उसमें बाधा डालने पर ही सजा का प्रावधान था। इसके तहत दोषी को 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती थीं। दोबारा वही गलती करने पर कम से कम एक साल की जेल तय थी। लेकिन 'वंदे मातरम्' के लिए पुराने कानून में ऐसी कोई धारा नहीं थी। सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए मूल कानून की धारा 3 में संशोधन किया है, ताकि राष्ट्रगीत का अनादर करने वालों पर भी वैसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
