गर्भवती महिला को नहर में फेंकने का मामला: लव मैरिज के चलते परिवार की नाराजगी
नई दिल्ली में लव मैरिज का भयावह मामला
श्री मुक्तसर साहिब जिले में एक जोड़े के लिए लव मैरिज का अनुभव बेहद भयावह बन गया है। कराई वाला गांव से जुड़ा यह मामला इंटर-कास्ट विवाह से संबंधित है। आरोप है कि तीन साल पहले हाई कोर्ट में अपनी मर्जी से विवाह करने वाले इस जोड़े को लड़की के परिवार की नाराजगी का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि लड़की के परिवार ने घर में घुसकर पति पर हमला किया और गर्भवती महिला को जबरदस्ती उठाकर नहर में फेंक दिया।
पीड़ित सतनाम सिंह ने कहा कि दो दिन पहले लड़की के परिवार के 10-12 लोग उनके घर आए और तलवारों से हमला किया। इस हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हुए। सतनाम ने यह भी बताया कि उनकी बुजुर्ग मां के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी पत्नी अमृतप्रीत कौर, जो कि साढ़े पांच महीने की गर्भवती हैं, को जबरदस्ती अपने साथ ले गए।
नहर में फेंकने का गंभीर आरोप
लड़की के परिवार की नाराजगी इतनी बढ़ गई थी कि गर्भवती होने के बावजूद उन्होंने रहम नहीं किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि अमृतप्रीत कौर को बड़ी नहर में फेंक दिया गया। इस कृत्य का आरोप महिला के पिता और भाइयों पर लगाया गया है। गर्भवती महिला किसी तरह नहर से बाहर निकलने में सफल हुई और गांव के सरपंच की मदद से अस्पताल पहुंचाई गई। इस जोड़े ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन साल पहले हाई कोर्ट में लव मैरिज की थी। सतनाम सिंह मजहबी सिख समुदाय से हैं, जबकि अमृतप्रीत कौर जट सिख परिवार से हैं। शादी के बाद से ही लड़की का परिवार इस रिश्ते से नाराज था।
पिता समेत छह लोगों पर मामला दर्ज
पीड़ित परिवार ने गांव के सरपंच की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, आरोप है कि घटना में सरपंच की संलिप्तता थी। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। गिद्दड़बाहा पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर उसके पिता समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
