गाजियाबाद जासूसी मामले में एनआईए ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
गाजियाबाद जासूसी मामले में चार्जशीट
नई दिल्ली - राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गाजियाबाद जासूसी मामले में लखनऊ की विशेष एनआईए अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की है। चार्जशीट में प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शेन इरम उर्फ महक का नाम शामिल है।
यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) और 152, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 और 5, तथा यूए (पी) एक्ट की धारा 13, 17 और 18 के तहत की गई है। इस मामले में 5 नाबालिगों के खिलाफ विस्तृत जांच रिपोर्ट (डीआईआर) पहले ही 18 मई 2026 को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) गाजियाबाद के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। यह मामला 14 मार्च 2026 को कमिश्नरेट गाजियाबाद के कौशांबी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ गंभीर अपराध करने के लिए आपराधिक साजिश रची थी। आरोपियों ने गैर-कानूनी तरीके से संवेदनशील क्षेत्रों में घुसपैठ की, जहां उन्होंने जासूसी कैमरे लगाए और दुश्मन देश में स्थित संस्थाओं को संवेदनशील जानकारी जैसे जियो-टैगिंग वाली तस्वीरें और वीडियो भेजे। इसके अलावा, आरोपियों ने भारतीय सिम कार्ड प्राप्त करने और उपयोग करने में दुश्मन देश से जुड़े संस्थाओं की मदद की।
14 मार्च को थाना कौशांबी क्षेत्र में सूचना मिली थी कि भोवापुर इलाके में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में संलग्न हैं। ये लोग रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के वीडियो और फोटो बनाकर विदेश में बैठे लोगों को भेजते थे। इसके साथ ही, पैसों का लालच देकर अन्य युवाओं को भी इस कार्य में शामिल किया जा रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और प्रारंभिक चरण में 5 पुरुष और 1 महिला को गिरफ्तार किया। उनके मोबाइल फोन की जांच में कई संवेदनशील स्थानों के वीडियो, फोटो और लोकेशन डाटा बरामद हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। जांच के दौरान 17 मार्च से आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसके आधार पर 20 मार्च को 9 और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल थे। 22 मार्च को मुख्य आरोपी नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर एक महिला आरोपी मीरा और एक नाबालिग को भी पकड़ा गया। पूछताछ में यह सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सीमापार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था।
