गाजियाबाद में तीन मंजिला दुकान की छत गिरने से तीन लोग दबे, एक की हालत गंभीर
गाजियाबाद में बड़ा हादसा
गाजियाबाद: सोमवार शाम को लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना घटित हुई। जोहरी एनक्लेव मेट्रो स्टेशन के निकट दिल्ली-सहारनपुर रोड पर स्थित 'परस हार्डवेयर एवं सेनेटरी' की तीन मंजिला इमारत की छत अचानक ढह गई। इस दुर्घटना में दुकान के अंदर मौजूद तीन लोग मलबे में फंस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, नगर पालिका, पुलिस और आपदा राहत टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रारंभिक प्रयास में दो व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया, जबकि 32 वर्षीय मुकेश यादव को कई घंटों की मेहनत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। मुकेश को अचेत अवस्था में पाया गया और उन्हें तुरंत दिल्ली के जीटीबी अस्पताल भेजा गया।
अग्निशामक विभाग के अनुसार, शाम लगभग 4:20 बजे फायर स्टेशन लोनी को सूचना मिली कि जोहरी एनक्लेव मेट्रो स्टेशन के पास पिलर नंबर 36 के सामने स्थित परस हार्डवेयर की दुकान की छत गिर गई है और कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। सूचना मिलते ही कांवड़ ड्यूटी पर तैनात फायर टेंडर को घटनास्थल पर भेजा गया। इसके अलावा ट्रॉनिका सिटी फायर स्टेशन से भी फायर टेंडर और फायर सर्विस यूनिट को भेजा गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी को घटना की जानकारी दी गई और वैशाली फायर स्टेशन से डिजास्टर और रेस्क्यू वाहन भी रवाना किया गया।
#WATCH गाज़ियाबाद: सोमवार देर शाम लोनी के गुलाब वाटिका मार्केट में तीन मंज़िला हार्डवेयर की दुकान की छत गिर गई। दो लोगों को रेस्क्यू करके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि तीसरे व्यक्ति, जिनकी पहचान 32 वर्षीय मुकेश यादव के तौर पर हुई है, उन्हें बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया… pic.twitter.com/B2fKDL9lTQ
— News Media (@AHindinews) August 11, 2026
मुख्य अग्निशामक अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि सूचना मिलते ही लगभग 4:53 बजे पहली फायर यूनिट घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अग्निशामक टीम ने देखा कि लगभग 60 फीट लंबी और 20 फीट चौड़ी इमारत में हार्डवेयर का भारी सामान रखा हुआ था। ग्राउंड फ्लोर की छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा, जिससे तीन लोग मलबे में दब गए थे।
फायर सर्विस की टीम ने राहत कार्य को तेज करते हुए दो व्यक्तियों को मलबे से बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए दोनों व्यक्तियों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। इसके बाद टोनिका सिटी से दूसरी फायर टेंडर की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशामक अधिकारी के साथ एसडीएम लोनी, एसीपी अंकुर विहार, तहसीलदार लोनी, नायब तहसीलदार, लोनी बॉर्डर और अंकुर विहार थाने की पुलिस, लोनी नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों की निगरानी में मलबा हटाने और दबे लोगों की तलाश का अभियान तेज किया गया। रेस्क्यू में फायर सर्विस, पुलिस और नगर पालिका की टीमों के साथ जेसीबी मशीनों का भी उपयोग किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक व्यक्ति के मलबे में काफी अंदर फंसे होने की जानकारी मिली। टीमों के संयुक्त प्रयास से 32 वर्षीय मुकेश यादव को मलबे से बाहर निकाला गया, जो अचेत अवस्था में मिला। उसे तुरंत एंबुलेंस से जीटीबी अस्पताल भेजा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम लोनी ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी घटनास्थल पर बुलाया। एसडीआरएफ की टीम ने पहुंचकर रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम भी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जर्जर इमारत थी। अग्निशामक विभाग के अनुसार, दुकान में भारी मात्रा में हार्डवेयर का सामान होने के कारण इमारत के अंदर गाटर पट्टी अपनी जगह से खिसक गई थी। कई पट्टियों और स्लैब में दरारें आ गई थीं। ऑपरेशन के दौरान ऊपर से सामान और मलबा लगातार गिर रहा था, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई हो रही थी।
मुकेश को बाहर निकालने के बाद इमारत की जर्जर स्थिति और दोबारा गिरने की आशंका को देखते हुए बाकी मलबा हटाने का काम रोकना पड़ा। हालांकि, एनडीआरएफ ने अपनी लाइफ डिटेक्टर और ट्रैकिंग तथा डिटेक्शन डॉग्स की मदद से पूरे मलबे की जांच की। जांच में मलबे के अंदर किसी व्यक्ति के होने के संकेत नहीं मिले। इसके अलावा रेस्क्यू टीमों ने दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों और दुकान मालिक से जानकारी ली, जिन्होंने भी बताया कि दुकान के अंदर अब कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है। रात लगभग 11:20 बजे विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में जर्जर इमारत को सील कर दिया गया।
