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गाजीपुर में पान विक्रेता की आत्महत्या: बिजली बिल और प्रशासनिक दबाव का मामला

गाजीपुर जिले में एक पान विक्रेता ने भारी बिजली बिल और अधिकारियों के दबाव के कारण आत्महत्या कर ली। सुरेंद्र कश्यप ने जहर खाकर अपनी जान दी, जिसके पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक है। उनके परिवार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें बताया गया है कि सुरेंद्र ने बिल कम कराने के लिए कई बार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें केवल मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इस घटना ने पूरे गांव में आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गाजीपुर में पान विक्रेता की आत्महत्या: बिजली बिल और प्रशासनिक दबाव का मामला

गाजीपुर में दर्दनाक घटना

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव में, सुरेंद्र कश्यप, जो एक छोटी गुमटी में पान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, ने जहर (सल्फास) खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र बिजली विभाग के भारी बिल और अधिकारियों के लगातार दबाव के कारण मानसिक तनाव में थे। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसने सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर किया है।


बिजली बिल का बढ़ता बोझ

सूत्रों के अनुसार, लगभग एक साल पहले बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने सुरेंद्र की दुकान पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद उन पर 1 लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। एक गरीब पान विक्रेता के लिए यह राशि चुकाना असंभव था। जब मामला तहसील में पहुंचा और वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी हुआ, तो बकाया राशि बढ़कर 1 लाख 85 हजार रुपये हो गई।


प्रशासनिक प्रताड़ना का सामना

परिवार के सदस्यों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुरेंद्र ने इस बिल को कम कराने के लिए कई बार बिजली विभाग और तहसील के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाए। लेकिन उन्हें केवल मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। राजस्व कर्मी और बिजली विभाग के कर्मचारी अक्सर उनकी दुकान पर आकर वसूली के लिए धमकाते थे और उनकी दुकान बंद करने की चेतावनी देते थे।


आत्महत्या की वजह

इस दुखद घटना के बाद, मृतक की पत्नी ज्ञानती ने बताया कि सुरेंद्र हमेशा तनाव में रहते थे और अक्सर कहते थे, “अगर मैं मर जाऊं, तो शायद यह बिल और जुर्माना खत्म हो जाएगा।” परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी, और दो बेटियों की शादी की चिंता ने सुरेंद्र को और भी परेशान कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फैल गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।