गुजरात के केसर आम ने इस साल तोड़े सभी रिकॉर्ड
गुजरात के केसर आम की नई ऊंचाइयां
गुजरात का प्रसिद्ध केसर आम इस वर्ष नई उपलब्धियों की ओर बढ़ा है। गिर सोमनाथ जिले के तलाला आम मार्केट में इस सीजन में आम की आवक ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अनुकूल मौसम, उच्च गुणवत्ता और देश-विदेश में बढ़ती मांग ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किसानों को अच्छे दाम मिले हैं, जिससे व्यापारियों के कारोबार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस बार का केसर आम सीजन क्षेत्र के लिए विशेष और यादगार माना जा रहा है।
नए रिकॉर्ड की स्थापना
तलाला आम मार्केट में इस साल केसर आम की खरीद-बिक्री का सीजन कुल 61 दिनों तक चला। इस दौरान लगभग 9 लाख 44 हजार पेटियों की आवक हुई, जो पिछले एक दशक के सभी रिकॉर्ड से अधिक है। हर साल बड़ी मात्रा में केसर आम बाजार में आता है, लेकिन इस बार उत्पादन और आपूर्ति दोनों असाधारण स्तर पर रहे। बाजार में निरंतर आवक के बावजूद मांग बनी रही, जिससे कारोबार में तेजी आई। यह रिकॉर्ड संख्या एक बार फिर साबित करती है कि गुजरात का केसर आम देश के सबसे पसंदीदा फलों में से एक है।
किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार
इस सीजन की सबसे बड़ी विशेषता किसानों की बढ़ती आमदनी रही है। अच्छी पैदावार के साथ-साथ बाजार में केसर आम को संतोषजनक कीमतें भी मिलीं। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम ने फसल का पूरा साथ दिया, जिससे उत्पादन में सुधार हुआ। फल का आकार, रंग और स्वाद भी बेहतर रहा, जिससे खरीदारों की रुचि बढ़ी। उत्पादन और कीमत दोनों अनुकूल रहने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे क्षेत्र के बागवानों में उत्साह का माहौल है और वे आगामी सीजन के प्रति आशावादी हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग
केसर आम की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं रही। इस वर्ष गिर क्षेत्र से लगभग 90 टन केसर आम का निर्यात विभिन्न देशों में किया गया। यूनाइटेड किंगडम, दुबई, कनाडा और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी अच्छी मांग देखी गई। विदेशी ग्राहकों ने गिर के केसर आम के स्वाद और गुणवत्ता को सराहा। निर्यात में वृद्धि से किसानों और व्यापारियों दोनों को अतिरिक्त लाभ मिला है। इससे गुजरात के केसर आम की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है, जो भविष्य में निर्यात के नए अवसर पैदा कर सकती है।
गिर सोमनाथ की पहचान को मजबूती मिली
रिकॉर्ड आवक, बेहतर गुणवत्ता और निर्यात में वृद्धि ने इस सीजन को यादगार बना दिया है। मैंगो एपीएमसी के चेयरमैन संजय शिंगाला के अनुसार, तलाला के शानदार प्रदर्शन ने गिर सोमनाथ को केसर आम की राजधानी के रूप में फिर से स्थापित किया है। क्षेत्र की जलवायु और किसानों की मेहनत ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गुणवत्ता और उत्पादन पर ध्यान दिया जाता रहा, तो आने वाले वर्षों में केसर आम की पहचान और भी मजबूत होगी और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।
