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गुजरात में खालिस्तानी धमकी से मची अफरा-तफरी

गुजरात की राजधानी गांधीनगर और अहमदाबाद में खालिस्तानी नेशनल आर्मी द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय और RSS दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।
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गुजरात में खालिस्तानी धमकी से मची अफरा-तफरी

गुजरात में बम धमकी से हड़कंप

अहमदाबाद: बुधवार को गुजरात की राजधानी गांधीनगर और अहमदाबाद में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के कार्यालय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। एक सरकारी ईमेल आईडी से आई इस धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया, जिसके चलते सभी संवेदनशील कार्यालयों में तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, इस व्यापक तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला।


खालिस्तान नेशनल आर्मी की धमकी


जानकारी के अनुसार, बम से उड़ाने की यह धमकी 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' के नाम से भेजी गई थी। इस ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया था। ईमेल में कहा गया था कि मुख्यमंत्री कार्यालय को दोपहर 1:11 बजे बम से उड़ाया जाएगा, इसके बाद AMC के दानापीठ स्थित मुख्यालय में 3:11 बजे और RSS के दफ्तर में शाम 5:11 बजे विस्फोट किए जाएंगे। इन सटीक समय की चेतावनियों ने सुरक्षा बलों की चिंता को बढ़ा दिया।


तत्काल कार्रवाई


धमकी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। एहतियात के तौर पर दानापीठ स्थित AMC के मुख्यालय को तुरंत खाली कराया गया और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS) और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और इमारत की गहन जांच की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय और RSS दफ्तर की सुरक्षा को भी मजबूत किया गया।


VPN का उपयोग


गुजरात के डीजीपी जीएस मलिक ने बताया कि गांधीनगर और अहमदाबाद पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ईमेल भेजने में 'वीपीएन' का इस्तेमाल किया है। साइबर सेल की टीमें भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हैं। चीफ सेक्रेट्री एमके दास ने भी ईमेल मिलने की पुष्टि की और कहा कि प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। AMC की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन कमलेश पटेल ने कहा कि ऐसे ईमेल अक्सर लोगों में दहशत फैलाने के लिए भेजे जाते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं।