Newzfatafatlogo

गुजरात में महिला के साथ हुई बर्बरता: पति और गांववालों ने किया शर्मनाक कृत्य

गुजरात के सुरेंद्रनगर में एक विवाहित महिला को उसके पति द्वारा छोड़ने के बाद दूसरे पुरुष के साथ रहने के कारण बर्बरता का शिकार होना पड़ा। पति और गांववालों ने उसे सजा देने के लिए अमानवीय कृत्य किया, जिसमें उसे पेड़ से बांधकर यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके सामाजिक प्रभाव।
 | 

सुरेंद्रनगर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना


नई दिल्ली: गुजरात के सुरेंद्रनगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक विवाहित महिला को उसके पति द्वारा छोड़ने के बाद दूसरे पुरुष के साथ रहने के कारण सजा दी गई। आरोप है कि उसके पति और कुछ स्थानीय लोगों ने 'शुद्धिकरण' के नाम पर उसके साथ बर्बरता की, जो सुनने में भी भयावह है।


महिला को घर में बंद किया गया

पुलिस के अनुसार, महिला ने कुछ समय पहले अपने पति को छोड़कर एक अन्य युवक के साथ रहने का निर्णय लिया। जब पति और उसके परिवार को इस बात का पता चला, तो उन्होंने महिला को पकड़कर घर में बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि महिला किसी तरह वहां से भागने में सफल रही और फिर से उसी युवक के पास चली गई। इसके बाद, गुस्साए पति और उसके साथियों ने दोनों को फिर से पकड़कर सुरेंद्रनगर ले गए, जहां पंचायत और भीड़ ने महिला के निर्णय पर कठोर सजा सुनाई।


पेड़ से बांधकर किया गया अमानवीय कृत्य

आरोप है कि महिला को एक पेड़ से बांध दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद, उसे उस युवक के साथ, जिसके साथ वह रहना चाहती थी, सार्वजनिक रूप से यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना को 'शुद्धिकरण' के रूप में प्रस्तुत किया गया। आरोपियों ने इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया।


वीडियो के वायरल होने पर पुलिस ने की कार्रवाई

वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस घटना में महिला के पति के अलावा कई अन्य गांववाले भी शामिल थे। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने महिलाओं की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं और सोशल मीडिया पर इसकी तीखी आलोचना हो रही है।