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गुजरात में हत्या के आरोपी की पुलिस द्वारा पिटाई का वीडियो वायरल, कार्रवाई पर उठे सवाल

गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी फैजल लखानी की पुलिस द्वारा पिटाई का एक वीडियो वायरल हो गया है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस निरीक्षक ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि समाज में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देना आवश्यक है। हालांकि, इस तरह की सार्वजनिक पिटाई पर पहले से ही रोक लगाई गई थी। इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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भावनगर में आरोपी की पिटाई का मामला

भावनगर। गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी की पुलिस द्वारा पिटाई का एक वीडियो सामने आया है, जिसने कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना तब हुई जब पुलिस हत्या के मामले का पुनर्निर्माण कर रही थी। वीडियो में आरोपी फैजल लखानी को रस्सियों से बांधकर घसीटते और डंडे से पीटते हुए देखा जा सकता है।

नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि हत्या की क्रूरता और पुलिस की छवि को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस घटना के बाद लोगों का पुलिस और कानून-व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हुआ था।

क्या घटनास्थल पर ही आरोपी की पिटाई की गई?

शनिवार को जारी वीडियो में फैजल लखानी को रस्सियों से बांधकर घटनास्थल के आसपास घसीटते हुए पुलिसकर्मियों द्वारा डंडे से पीटते हुए दिखाया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस मामले की जांच के तहत वारदात का पुनर्निर्माण कर रही थी। पुलिस निरीक्षक ने कहा कि आरोपी ने महिला पर सार्वजनिक स्थान पर हमला किया था, जिसके बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे।

पुलिस ने पिटाई को सही ठहराते हुए क्या कहा?

निरीक्षक उनाडकट के अनुसार, समाज में यह धारणा बन रही थी कि अपराधी महिलाओं और लड़कियों की हत्या कर रहे हैं और पुलिस असहाय है। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में अपराधियों को कड़ा संदेश देना आवश्यक है। पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि घटना से पुलिस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था, इसलिए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

काजल बरैया की हत्या का मामला क्या है?

काजल बरैया और फैजल लखानी लगभग सात वर्षों से भावनगर में एक फुटपाथ पर रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, फैजल के खिलाफ पहले से ही लूट और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद फैजल को पता चला कि काजल का एक परिचित रवि के साथ संबंध है। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसमें फैजल ने काजल और रवि पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल काजल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने फैजल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।

क्या गुजरात में पुलिस की ऐसी कार्रवाई पर पहले भी रोक लगाई गई है?

इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी चल रही है, जिसमें सूरत में पुलिस द्वारा कुछ आरोपियों की सार्वजनिक पिटाई का मामला उठाया गया है। इस मामले में एमिकस क्यूरी ने बताया कि राज्य के गृह विभाग ने 7 मई को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें पुलिस द्वारा इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी।

पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

सर्कुलर के अनुसार, आरोपियों को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाना, घुटनों के बल चलाना, लात मारना या डंडे से पीटना अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। इसमें संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है। ऐसे में भावनगर में हत्या के आरोपी की सार्वजनिक पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और राज्य के पहले से जारी दिशा-निर्देशों के बीच सवाल उठ रहे हैं।