गुजरात सीएम कार्यालय को मिली बम धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई
गुजरात में सुरक्षा अलर्ट
गांधीनगर: शुक्रवार को गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय को एक ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य सचिवालय में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया।
यह धमकी उस समय आई जब गुजरात हाईकोर्ट को भी इसी तरह की बम धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ था, जिससे सुरक्षा बलों में सतर्कता बढ़ गई।
धमकी भरे ईमेल में विशेष रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को निशाना बनाया गया था। इसके परिणामस्वरूप न्यू सेक्रेटेरिएट परिसर में सुरक्षा को और मजबूत किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों को सचिवालय में तैनात किया गया।
इन टीमों ने न्यू सेक्रेटेरिएट के विभिन्न हिस्सों में गहन जांच शुरू की, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय के आसपास सुरक्षा को और बढ़ाया गया, जबकि सचिवालय के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर पुलिस ने सख्त जांच शुरू कर दी।
परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई और आने-जाने वालों की जांच को बढ़ा दिया गया।
बम निरोधक दस्ते ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया, जबकि डॉग स्क्वॉड ने अलग-अलग स्थानों की जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई संदिग्ध सामग्री न हो।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमकी को गंभीरता से लिया और मुख्यमंत्री कार्यालय सहित सचिवालय के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की।
इस बीच, धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति और ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियां ईमेल के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे क्या मकसद था।
ईमेल की सामग्री और इसे भेजने वाले की पहचान के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
यह नई धमकी ऐसे समय में आई है जब हाल के दिनों में गुजरात के कई सरकारी संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को भी बम धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए हैं।
3 नवंबर को गांधीनगर स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय को एक ईमेल मिला था, जिसमें राज्य के सरकारी दफ्तरों, एक मंदिर और जेलों पर हमले की धमकी दी गई थी।
इसके बाद अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल समेत मेहसाणा और पाटन के सरकारी संस्थानों में सुरक्षा जांच की गई थी, हालांकि तलाशी के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।
लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने राज्यभर के संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों पर एहतियाती जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।
