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गुरुग्राम में कैब ड्राइवर पर हमला, ट्रैफिक बाधित

गुरुग्राम में एक कैब ड्राइवर पर हमले की घटना ने शहर में रोड रेज की बढ़ती घटनाओं को उजागर किया है। एक ईवी ड्राइवर द्वारा कैब पर रॉड से हमला करने के बाद ट्रैफिक बाधित हो गया। कैब मालिक की मदद से मामला थाने में सुलझाया गया। जानें इस घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजहें।
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गुरुग्राम में रोड रेज की घटना

गुरुग्राम में रोड रेज की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार की रात लगभग 9:30 बजे, सेक्टर-21 के राम चौक पर एक विवाद उत्पन्न हुआ। एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में सवार व्यक्ति ने एक कैब पर हमला कर दिया, जिसमें उसने कैब के शीशों और खिड़कियों पर रॉड से वार किया। आरोप है कि कैब ड्राइवर ने ईवी को ओवरटेक किया था।


ट्रैफिक में बाधा

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति डंडा लेकर कैब ड्राइवर पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। वह ड्राइवर से कैब से बाहर निकलने के लिए भी कह रहा है। इस घटना के कारण व्यस्त सड़क पर काफी समय तक ट्रैफिक बाधित रहा। बाद में, कैब मालिक की शिकायत पर मामला उद्योग विहार थाने में पहुंचा। पुलिस की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई।


ओवरटेक के बाद विवाद

जानकारी के अनुसार, अर्टिगा कैब के ड्राइवर राहुल ने ट्रैफिक में आगे चल रही ईवी को ओवरटेक किया। राहुल का कहना है कि उसकी कैब ईवी से टकराई नहीं थी। इसके बावजूद, ईवी ड्राइवर ने अपनी गाड़ी की गति बढ़ाई और कैब के सामने अपनी गाड़ी अड़ाकर उसका रास्ता रोक दिया।


गाली-गलौज और हमला

राहुल ने आरोप लगाया कि ईवी ड्राइवर गाड़ी से बाहर आया और उसके साथ गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद उसने अपनी गाड़ी से डंडा निकालकर राहुल पर हमला कर दिया। आरोपी ने कैब की खिड़कियों और शीशों पर भी रॉड से वार किया और राहुल को जबरन कैब से बाहर निकालने का प्रयास किया।


कैब मालिक की मदद

राहुल ने खुद को संकट में देखकर कैब मालिक चंद्र शेखर पांडे को फोन किया। सूचना मिलते ही चंद्र शेखर अपनी पत्नी के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहुल को आरोपी के चंगुल से छुड़वाया।


समझौता और पुलिस कार्रवाई

कैब मालिक ने आरोपी के खिलाफ उद्योग विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। पुलिस की मौजूदगी में बातचीत के बाद मामले को आपसी सहमति से सुलझाने का निर्णय लिया गया। हमलावर पक्ष ने कैब में हुए नुकसान की भरपाई की।