गौतम अडानी को मिल सकती है राहत: अमेरिकी न्याय विभाग विचार कर रहा है आरोप वापस लेने पर
अडानी रिश्वत और धोखाधड़ी मामले में नई जानकारी
गौतम अडानी का मामला: भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी को 265 मिलियन डॉलर के रिश्वत और धोखाधड़ी मामले में संभावित राहत मिल सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग अडानी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को वापस लेने पर विचार कर रहा है। इस पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि यूएस-इंडिया ट्रेड डील को अडानी के खिलाफ मामलों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि कंप्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ कोई व्यापारिक सौदा नहीं किया, बल्कि अडानी को बचाने का समझौता किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'Compromised PM ने trade deal नहीं, अडानी की रिहाई का सौदा किया।' राहुल गांधी अक्सर पीएम मोदी को 'कंप्रोमाइज्ड पीएम' कहकर संबोधित करते हैं।
Compromised PM ने trade deal नहीं, अडानी की रिहाई का सौदा किया।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 15, 2026
अडानी पर गंभीर आरोपों का विवरण
नवंबर 2024 में, अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अन्य पर भारतीय सरकारी अधिकारियों को लगभग $265 मिलियन की रिश्वत देने की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया था। यह आरोप लगाया गया था कि ये भुगतान दो दशकों में लगभग $2 बिलियन के लाभ के लिए ठेके हासिल करने के लिए किए गए थे, जो भारत के सबसे बड़े सोलर एनर्जी प्लांट प्रोजेक्ट के विकास में सहायक होते।
इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर निशाना साधता रहा है, खासकर राहुल गांधी ने अडानी को बचाने का आरोप लगाया है। वहीं, हाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग अडानी के खिलाफ आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) भी नवंबर 2024 में अडानी और अन्य के खिलाफ दायर नागरिक धोखाधड़ी मामलों को निपटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
