Newzfatafatlogo

ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक चिप फैक्ट्री में आग, दो दमकलकर्मियों की मौत

ग्रेटर नोएडा में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण कंपनी ILGIM में आग लगने से दो दमकलकर्मियों की जान चली गई। घटना के दौरान दीवार गिरने से कई अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, और अधिकारियों ने राहत कार्य में तेजी लाई है। जानें इस घटना के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
 | 

ग्रेटर नोएडा में आग का भयावह मंजर


ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक आग: मंगलवार की सुबह ग्रेटर नोएडा के इकोटेक क्षेत्र में ILGIM नामक इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण कंपनी में एक भयंकर आग लग गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। जब दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के प्रयास में जुटी थी, तभी अचानक कंपनी की एक दीवार और भारी लोहे का बीम गिर गया। इस दुर्घटना में दो दमकलकर्मियों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


आग बुझाने के दौरान दीवार का गिरना

अधिकारियों के अनुसार, आग मंगलवार तड़के लगभग 3 बजे ILGIM कंपनी में लगी। यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक चिप का उत्पादन करती है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य प्रारंभ किया। जब दमकलकर्मी आग बुझाने में लगे थे, तभी कंपनी की एक दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक गिर गया, जिससे फायर सर्विस के पांच कर्मचारी घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया।


घायलों का इलाज जारी

इस हादसे में मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार और फायरमैन अमित कुमार घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, तीनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत कार्य में जुटी रही। कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।


आग लगने के कारणों की जांच

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें घटनास्थल का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फोरेंसिक जांच के बाद ही आग लगने का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कंपनी में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।