ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी से 100 से अधिक लोग बीमार, सोसायटी में हड़कंप
दूषित जल आपूर्ति का मामला
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निराला ग्रीन आर्क सोसायटी में दूषित गंगाजल की आपूर्ति के कारण 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। निवासियों का कहना है कि पानी की जांच में कोलीफार्म और ई.कोलाई बैक्टीरिया की उपस्थिति पाई गई है। इस घटना ने सोसायटी के 11 टावरों में रहने वाले लगभग 1,640 परिवारों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों ने अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
निवासियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से गंगाजल की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। पिछले सप्ताह के दौरान सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एओए ने पानी के नमूने एक निजी लैब में जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट में पानी को पीने के लिए अनुपयुक्त पाया गया। जांच में कोलीफार्म और ई.कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली, जो जलजनित बीमारियों का मुख्य कारण माने जाते हैं। निवासियों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों में 100 से अधिक लोग बीमार हुए हैं, जिनमें लगभग 70 बच्चे शामिल हैं।
बीमारी के फैलने के बाद, अधिकांश परिवार अब आरओ का पानी भी उबालकर पीने को मजबूर हैं। निवासी पवन ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य बीमार हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
निवासी नवल किशोर सिंह ने कहा कि एओए ने समय पर ओवरहेड टैंकों की सफाई और पानी की जांच नहीं कराई। उनका मानना है कि यदि समय पर उचित कदम उठाए जाते, तो इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार नहीं पड़ते।
एओए के जनरल सेक्रेटरी गौतम भाटिया ने कहा कि निवासियों की शिकायत मिलने के बाद ही पानी की जांच कराई गई और रिपोर्ट आने के तुरंत बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सूचित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। बरसात के मौसम में ओवरहेड टैंकों की सफाई संभव नहीं है, इसलिए सितंबर के पहले सप्ताह से सफाई अभियान शुरू किया जाएगा।
मामले की जानकारी मिलने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम सोसायटी पहुंची और पानी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
