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ग्रेटर नोएडा में वॉटर टैंक सफाई के दौरान दो श्रमिकों की मौत

ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसे में दो श्रमिकों की वॉटर टैंक की सफाई के दौरान मौत हो गई। एक श्रमिक के बचाने के प्रयास में सुरक्षा गार्ड भी टैंक में उतर गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा


ग्रेटर नोएडा वॉटर टैंक हादसा: दो श्रमिकों ने काम पर जाते समय शायद नहीं सोचा था कि यह उनका अंतिम दिन होगा। एक श्रमिक वॉटर टैंक की सफाई के लिए अंदर गया, लेकिन जब वह काफी समय तक बाहर नहीं आया, तो एक सुरक्षा गार्ड ने उसकी मदद के लिए टैंक में उतरने का निर्णय लिया। दुर्भाग्यवश, यह प्रयास भी दोनों की जान नहीं बचा सका। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी ने कुछ ही क्षणों में उनकी सांसें छीन लीं। यह दुखद घटना पूरे ग्रेटर नोएडा को हिला कर रख दिया है।


यह घटना ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में स्थित एल्डिको सोसाइटी में रविवार को हुई। टैंक के अंदर दम घुटने से दो श्रमिकों की मृत्यु हो गई। घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल था। जानकारी के अनुसार, सोसाइटी में नियमित रखरखाव के तहत वॉटर टैंक की सफाई का कार्य चल रहा था। एक श्रमिक टैंक के अंदर गया, लेकिन जब वह बाहर नहीं आया, तो एक सुरक्षा गार्ड ने उसे बचाने के लिए टैंक में उतरने का निर्णय लिया। कुछ ही समय बाद, वह भी बाहर नहीं आया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।


सूचना मिलने पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि वॉटर टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस के कारण दोनों का दम घुट गया। अब यह जांच की जा रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। क्या श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और क्या टैंक में प्रवेश से पहले गैस की जांच की गई थी। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।


हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सफाई कार्य से जुड़े ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जैसे ही इस हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों तक पहुंची, उनके घरों में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, एल्डिको सोसाइटी में भी घटना को लेकर गहरा दुख है। यह हादसा एक बार फिर उन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनका पालन सीवर, वॉटर टैंक और अन्य बंद स्थानों में काम करने के दौरान अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।