Newzfatafatlogo

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को मिली मंजूरी, निर्माण की दिशा में बड़ा कदम

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि मेट्रो परियोजना को रेलवे बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिल गया है। इस मंजूरी के बाद, पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें मेट्रो रूट की आवश्यकता पर चर्चा की जाएगी। यह मेट्रो लाइन 7.5 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें पांच नए स्टेशन शामिल होंगे। इसके अलावा, यह गाजियाबाद से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक प्रस्तावित नमो भारत सेवा से भी जुड़ सकेगी। इस परियोजना से क्षेत्र में परिवहन में सुधार होगा और लाखों लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी।
 | 
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को मिली मंजूरी, निर्माण की दिशा में बड़ा कदम

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की प्रगति

नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्थित किसान चौक तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना को रेलवे बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त हुआ है। इस मंजूरी के बाद, अब पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के अधिकारी इस मेट्रो रूट की आवश्यकता और उपयोगिता पर चर्चा करेंगे.


एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने बताया कि रेलवे बोर्ड से मिली मंजूरी ने परियोजना को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण बाधा को समाप्त कर दिया है। पीआईबी से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.


इस मेट्रो लाइन की लागत लगभग 900 करोड़ रुपये होगी और इसकी लंबाई लगभग 7.5 किलोमीटर होगी। इस मार्ग पर पांच नए मेट्रो स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और किसान चौक शामिल हैं। यह रूट क्षेत्र में प्रस्तावित आरआरटीएस लाइन से अलग होगा और नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा.


इस परियोजना का एक बड़ा लाभ यह है कि भविष्य में यह गाजियाबाद से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक प्रस्तावित नमो भारत सेवा से भी जुड़ सकेगी। इससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को जेवर स्थित एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा.


इस मेट्रो नेटवर्क के विकास से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच एक बेहतर परिवहन लूप बनेगा, जिससे लाखों यात्रियों को जाम और निजी वाहनों पर निर्भरता से राहत मिलेगी.


अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिसे पूरा करने में लगभग दो वर्ष लग सकते हैं.


इसके अलावा, नोएडा मेट्रो के विस्तार की अन्य परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक मेट्रो विस्तार और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास भी जल्द किया जाएगा.


ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बढ़ती जनसंख्या और यातायात समस्याओं को देखते हुए, इस मेट्रो परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके शुरू होने से लाखों निवासियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा.