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घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

पिछले कारोबारी सप्ताह में घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध संकट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार को प्रभावित किया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 20.78 लाख करोड़ रुपये घट गया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
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मुंबई में शेयर बाजार की स्थिति

मुंबई: पिछले कारोबारी सप्ताह में घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों के लिए स्थिति बेहद चिंताजनक रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध संकट और कच्चे तेल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण बाजार में व्यापक बिकवाली का सामना करना पड़ा। दशहरे की छुट्टी के कारण इस सप्ताह केवल चार दिन ट्रेडिंग हुई, लेकिन इन चारों दिनों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को परेशान कर दिया। बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप से लगभग 20.78 लाख करोड़ रुपये, यानी 2,07,87,74,28,00,000 रुपये, कम हो गए।


सेंसेक्स में गिरावट और मार्केट कैप का घटना

सेंसेक्स 1605 अंक लुढ़का, मार्केट कैप घटकर 451 लाख करोड़ पर आया
शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, लगातार चौथे सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 87.65 अंक की गिरावट के साथ 22,600 के स्तर पर पहुंच गया। पूरे सप्ताह के दौरान, सेंसेक्स में कुल 1605.44 अंक यानी 2.15 प्रतिशत की गिरावट आई। इस बिकवाली के कारण बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 16 अक्टूबर के 4,72,62,167.42 करोड़ रुपये से घटकर 4,51,83,393.14 करोड़ रुपये रह गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ।


अंतरराष्ट्रीय तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में विस्फोट, ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर के पार
इस बाजार संकट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और कूटनीतिक वार्ताओं में ठहराव ने निवेशकों में चिंता पैदा कर दी है। इस अनिश्चितता के बीच, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर 116.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। यह वृद्धि भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का बड़ा खतरा बन गई है।


सप्ताह भर मंदी का प्रभाव

पूरे हफ्ते रहा मंदी का साया, हर सत्र में टूटे प्रमुख सूचकांक
इस कारोबारी सप्ताह की शुरुआत से ही बाजार में मंदी का माहौल बना रहा। सोमवार को सेंसेक्स में 876.37 अंक और निफ्टी में 257.20 अंक की गिरावट आई। मंगलवार को दशहरे के कारण बाजार बंद रहा। इसके बाद बुधवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जहां सेंसेक्स 143.21 अंक और निफ्टी 77.60 अंक गिरा। गुरुवार को भी सेंसेक्स 460.30 अंक लुढ़ककर 73,249.39 पर बंद हुआ और निफ्टी 123.70 अंक गिरा। लगातार चार दिनों की इस मंदी ने घरेलू और विदेशी निवेशकों के मनोबल को बुरी तरह प्रभावित किया है।