चंडीगढ़ पुलिस ने 'ट्यूजडे गैंग' का किया पर्दाफाश, ज्योतिष से जुड़ा था गिरोह का तरीका
चंडीगढ़ में अनोखे चोरी के गिरोह का खुलासा
चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस ने एक अनोखे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ज्योतिष और मंगलवार के दिन से जुड़ी चोरी की वारदातों में लिप्त था। इस गिरोह का नाम 'ट्यूजडे गैंग' रखा गया था, और इसके सदस्य केवल मंगलवार की रात को ही चोरी करते थे। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को मंगलवार को ही गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का मुखिया सतपाल सिंह, रवि उर्फ पंडित और निखिल कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सतपाल खुद को तांत्रिक बताता था और उसने अपने साथियों की कुंडली देखकर मंगलवार को चोरी के लिए 'शुभ दिन' घोषित किया था।
चोरी के दौरान अलार्म बजने पर भी नहीं भागे
अलार्म बजने के बावजूद 2 घंटे छिपे रहे
जांच में यह पता चला कि यह गिरोह 1 सितंबर को सेक्टर-9 की एक आलीशान कोठी में चोरी करने गया था। अचानक अलार्म बजने पर, आरोपी पड़ोस की कोठी में छिप गए। पुलिस और कोठी के मालिक ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की, लेकिन चोर दो घंटे तक वहीं छिपे रहे और फिर मौके का फायदा उठाकर भाग गए। इसके बाद सतपाल ने 8 सितंबर को फिर से अपने साथियों की कुंडली देखी और सेक्टर-8 की एक कोठी को अपना अगला निशाना बनाया।
सोते परिवार से 70 किलो की तिजोरी चुराई
सोते परिवार के घर से उखाड़ ले गए 70 किलो की तिजोरी
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-8 निवासी सुरेंद्र मोहन सिंह संधू के घर में यह बड़ी चोरी रात करीब 11 बजे हुई। जब पूरा परिवार सो रहा था, आरोपी सर्विस लेन से अंदर घुसे और ग्राउंड फ्लोर की खिड़की की ग्रिल काटकर पहली मंजिल पर पहुंचे। वहां उन्होंने दीवार में कसी हुई 70 किलोग्राम वजनी तिजोरी को उखाड़ लिया और उसे बाइक पर लादकर ले गए। तिजोरी में रखे लाखों के गहने और नकदी निकालने के बाद, उन्होंने खाली तिजोरी को भाखड़ा-नांगल डैम में फेंक दिया।
गिरोह की योजना रविवार से शुरू होती थी
रविवार से शुरू होती थी प्लानिंग
जांच में यह भी सामने आया कि सतपाल हर चोरी की योजना रविवार से ही बनाता था। वह हरियाणा के पलवल से निकलकर रूपनगर पहुंचता था, जहां रवि उर्फ पंडित और निखिल कुमार उससे मिलते थे। तीनों सोमवार की रात रूपनगर में बिताते और मंगलवार की रात चंडीगढ़ में चोरी करते थे। चंडीगढ़ पुलिस ने इस गिरोह को पकड़कर तीन बड़ी चोरियों को सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों के पास से फर्जी नंबर प्लेट, एक काली बाइक, सेंधमारी के औजार, महंगी घड़ियां, चांदी के बर्तन और सोने-चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। पुलिस अब रिमांड पर लेकर यह पता लगा रही है कि उन्होंने चोरी का बाकी माल किन सुनारों या खरीदारों को बेचा है।
