चंबा में बारिश से तबाही: 64 मकान और 8 दुकानें क्षतिग्रस्त
चंबा में मूसलधार बारिश का असर
चंबा के सुल्तानपुर वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात हुई तेज बारिश ने भारी नुकसान पहुँचाया है। मलबे और पानी के तेज बहाव ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। ग्राम पंचायत सरोल, परैल और तड़ोली में पानी और मलबा घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है।
नुकसान की स्थिति
इस बाढ़ के कारण 64 मकान, आठ दुकानें और एक गोदाम क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई परिवारों को रातोंरात सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। 16 कारें, पांच बाइक और एक स्कूटी मलबे में दब गईं। कई स्थानों पर मकानों के आंगन और कमरों में मलबा भर गया।
प्रशासन की सहायता
घटोला, नाडू और तड़ोली नालों में तेज बहाव ने उपजाऊ भूमि और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की है। मंगलवार शाम तक प्रदेशभर में 179 सड़कों, 62 बिजली ट्रांसफार्मर और 107 पेयजल योजनाएं ठप रहीं।
भविष्यवाणी और स्कूलों की बंदी
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अगले दो दिनों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। भारी बारिश के कारण नाहन उपमंडल में सभी शिक्षण संस्थान बुधवार को बंद रहेंगे।
यातायात पर प्रभाव
राजधानी शिमला में सोमवार रात हुई बारिश के कारण लिफ्ट के समीप पहाड़ी से भूस्खलन हुआ, जिससे सर्कुलर रोड कई घंटे तक बंद रही। दिल्ली से धर्मशाला आने वाली तीन उड़ानें भी रद्द कर दी गईं और रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। सिरमौर जिले में कई सड़कों पर यातायात ठप रहा।
भूस्खलन की घटनाएं
चंबा में मणिमहेश यात्रा से लौट रहे हैदराबाद के पांच श्रद्धालु गुई नाला के पास भूस्खलन के कारण फंस गए थे, जिन्हें रात में रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। मंडी में पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर कोटरोपी के पास नई सड़क धंसने लगी है, जिससे यातायात बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
