चक्रवात अर्नब: आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल के बाद क्या है खतरा?
चक्रवात अर्नब का लैंडफॉल
नई दिल्ली: चक्रवात अर्नब ने बुधवार की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर लैंडफॉल कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान 28 अक्टूबर को रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच तट पर पहुंचा। इस दौरान हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि तेज झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गए।
लैंडफॉल के समय तूफान का केंद्र नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, यानम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम स्थित था। तट से टकराने के बाद, तूफान का केंद्र जमीन के अंदर चला गया और आगे बढ़ रहा है।
सैटेलाइट तस्वीरों में चक्रवात का दृश्य
सैटेलाइट तस्वीर में क्या दिखा?
भारत के मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS ने बुधवार सुबह 9:30 से 9:57 बजे के बीच चक्रवात की तस्वीरें लीं। इन तस्वीरों में अर्नब के बादलों का बड़ा घेरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। बादल केवल केंद्र तक सीमित नहीं थे, बल्कि बंगाल की खाड़ी से लेकर पूर्वी और दक्षिणी भारत के बड़े हिस्से तक फैले हुए थे। तस्वीर में चमकीले सफेद बादल ऊंचाई पर मौजूद घने और ठंडे बादलों को दर्शाते हैं, जो अक्सर तेज बारिश और गरज-चमक का संकेत देते हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि केवल सैटेलाइट तस्वीरों से हवा की गति या बारिश की मात्रा का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए जमीनी आंकड़ों और अन्य मौसम मॉडल का सहारा लिया जाता है। INSAT-3DS की मदद से रात में भी बादलों की निगरानी की जा सकती है।
लैंडफॉल के बाद खतरा क्यों बना रहेगा?
लैंडफॉल के बाद भी क्यों बना रहेगा खतरा?
चक्रवात समुद्र में गर्म पानी से ऊर्जा प्राप्त करता है, लेकिन जब यह जमीन पर आता है, तो इसकी ताकत कम होने लगती है। जमीन की रुकावट से हवा की गति धीमी होती है और तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ता है। हालांकि, खतरा तुरंत समाप्त नहीं होता। तूफान के साथ आए विशाल बादल दूर-दूर के क्षेत्रों में भी भारी बारिश करा सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़, पेड़ गिरने और बिजली लाइनों के टूटने का खतरा बना रहता है।
मौसम विभाग अब इस बात पर ध्यान दे रहा है कि अर्नब जमीन के अंदर किस दिशा में बढ़ता है और किन क्षेत्रों में कितनी बारिश होती है। विभाग ने आंध्र प्रदेश और आस-पास के राज्यों के निवासियों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
