चक्रवात 'अर्नब' का खतरा: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलर्ट जारी
चक्रवात 'अर्नब' का प्रभाव
चक्रवात 'अर्नब' के बढ़ते खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राहत कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं, और अतिरिक्त टीमों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है। सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल भी किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।
चक्रवात की स्थिति
बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवात 'अर्नब' तेजी से मजबूत हो रहा है। यह तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासनिक तैयारियाँ
ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रशासन की तैयारियों और स्कूलों के बंद होने की जानकारी की पुष्टि की जा रही है। 26 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे चक्रवात 'अर्नब' बंगाल की खाड़ी के मध्य और पश्चिमी हिस्से के पास था, जो विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर और ओडिशा के गोपालपुर से 610 किलोमीटर दूर था।
तूफान की तीव्रता
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' 26 अक्टूबर की आधी रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और 27 अक्टूबर को बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बन सकता है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। अनुमान है कि तूफान 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराएगा। इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों पर ध्यान दे रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
मछुआरों के लिए चेतावनी
मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। सरकार ने जानमाल के नुकसान को कम करने और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं को जल्द बहाल करने पर जोर दिया है। गृह मंत्रालय, NDMA और IMD स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। चक्रवात 'अर्नब' को देखते हुए प्रशासन ने तटीय गांवों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
ओडिशा में स्कूल बंद
ओडिशा सरकार ने पांच जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। चक्रवात से आंध्र प्रदेश के उत्तरी और मध्य तटीय जिलों में भारी बारिश की संभावना है। पड़ोसी ओडिशा के दक्षिणी क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश सरकार ने समुद्र में मौजूद नावों को वापस लौटने और बिजली सप्लाई बाधित होने पर जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
लोगों की सुरक्षा
आंध्र प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने 5.7 लाख लोगों की पहचान की है, जिन्हें तूफान से खतरा हो सकता है। सोमवार शाम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चक्रवात 'अर्नब' के बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के दौरान हवा के तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
