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चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही, जान-माल का भारी नुकसान

चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में भारी तबाही मचाई, जिसमें कम से कम पांच लोगों की जान चली गई। तूफान ने हजारों पेड़ और बिजली के खंभे गिरा दिए, सड़कों को जलमग्न कर दिया और लाखों हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद कर दीं। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बारिश हुई। राहत कार्य जारी हैं, और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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चक्रवात 'अर्नब' का कहर


आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में चक्रवात 'अर्नब' के कारण कम से कम पांच लोगों की जान चली गई। इस तूफान ने हजारों पेड़ और बिजली के खंभे गिरा दिए, सड़कों को जलमग्न कर दिया और रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाया, जिससे लाखों हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी इस चक्रवात के चलते भारी बारिश हुई।


चक्रवात 'अर्नब' ने नरसापुर और यनम के बीच तटीय क्षेत्र में भारी तबाही मचाई, जिससे पश्चिम गोदावरी, पूर्व गोदावरी, विशाखापत्तनम और विजयनगरम जिलों में व्यापक नुकसान हुआ। इस दौरान हवा की गति 125 से 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई।


भीमावरम में एक पेड़ गिरने से चोक्का किशोर (45) की मौत हो गई, जबकि बिजली का खंभा गिरने से रामबाबू (34) की जान चली गई। पूर्व गोदावरी जिले में एक मकान ढहने से बुजुर्ग महिला कोल्लू वेंकायम्मा की मृत्यु हो गई। विशाखापत्तनम में भी बिजली का खंभा गिरने से दो महिलाओं की जान गई।


अधिकारियों के अनुसार, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी में 47,000 से अधिक नारियल और अन्य पेड़ उखड़ गए। 391 इलेक्ट्रिक फीडर भी क्षतिग्रस्त हुए, जिससे कई कॉलोनियों में अंधेरा छा गया।


आर एंड बी मंत्री बी. सी. जनार्दन रेड्डी ने बताया कि प्रभावित जिलों में 126 किलोमीटर सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। उप्पदा मार्ग पर समुद्र की ऊंची लहरों के कारण सड़क बह गई। विशाखापत्तनम-किरंदुल रेलवे ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं।


चक्रवात 'अर्नब' ने गुरुवार को तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार किया। मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवात जमीन पर टकराने के बाद कमजोर हो गया और इसकी श्रेणी 'अत्यंत गंभीर' से 'गंभीर' में बदल गई। अगले 48 घंटों में यह उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा।


मौसम की खराबी के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी जाने वाली 17 उड़ानें रद्द कर दी गईं। फसल क्षति के मामले में 2,24,489 हेक्टेयर में धान, पपीता, पान के पत्ते और केले की फसलें नष्ट हुई हैं, जिससे 3.50 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं।


ओडिशा में भी चक्रवात के कारण भारी बारिश हुई है। राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित जिलों से 31,255 लोगों को सुरक्षित निकाला है।


मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की निगरानी में राहत कार्य जारी हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। ओडिशा में 19 करोड़ रुपये की राहत राशि मंजूर की गई है।


पश्चिम बंगाल में भी चक्रवात के असर से भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।