चित्तौड़गढ़ में सड़क दुर्घटना: तीन श्रमिकों की मौत, 10 घायल
भीषण सड़क हादसा चित्तौड़गढ़ में
चित्तौड़गढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को नेशनल हाईवे-27 पर एक गंभीर सड़क दुर्घटना में तीन निर्माण श्रमिकों की जान चली गई, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना चित्तौड़गढ़-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेनाल के निकट हुई, जब एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले एक पानी के टैंकर से टकराई और फिर सीधे 15 फीट गहरे निर्माणाधीन गड्ढे में गिर गई। गड्ढे में पुल निर्माण कार्य में लगे श्रमिक कार के नीचे दब गए, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई।
अनियंत्रित कार का गड्ढे में गिरना
पुलिस उपाधीक्षक अंकित कुड़ी के अनुसार, मेनाल जोगणिया माता जाने वाले मार्ग पर एक ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा था, जिसके लिए सड़क के किनारे 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस दौरान, चित्तौड़गढ़ की ओर से कोटा की दिशा में आ रही एक कार अचानक बेकाबू हो गई। कार ने पहले वहां खड़े पानी के टैंकर को टक्कर मारी और फिर गड्ढे में गिर गई। कार का पूरा वजन नीचे काम कर रहे श्रमिकों पर आ गया, जिससे कई लोग मलबे के नीचे फंस गए।
मृतकों की पहचान और राहत कार्य
इस दुर्घटना में गड्ढे में काम कर रहे तीन श्रमिकों ने गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान भीलवाड़ा जिले के 45 वर्षीय बिहारी, मांडलगढ़ क्षेत्र के 50 वर्षीय सावता और गंगरार की 40 वर्षीय महिला श्रमिक प्रेम बाई के रूप में हुई है। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मेहनत के बाद क्रेन और राहत उपकरणों की मदद से कार को हटाकर शवों और घायलों को बाहर निकाला।
घायलों की स्थिति और कानूनी कार्रवाई
इस भयानक हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें गड्ढे में काम कर रहे चार श्रमिक और कार में सवार छह यात्री शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए भीलवाड़ा के बड़े अस्पताल में भेजा गया है। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शवों को मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार और पानी के टैंकर के चालकों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
