चिराग पासवान का बिहार सरकार पर तीखा हमला, यूपी चुनाव की तैयारी
चिराग पासवान का बिहार सरकार पर हमला
लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार पर तीखा हमला किया है, जो मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव के हमलों से भी अधिक गंभीर है। उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें इस सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है। इसके बाद उनकी पार्टी के मंत्री संजय सिंह की विभागीय समीक्षा बैठक में अनुपस्थिति रही, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
चिराग पासवान ने बिहार सरकार पर हमले के बाद यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि चाहे गठबंधन हो या न हो, उनकी पार्टी चुनाव में भाग लेगी।
हालांकि, यूपी चुनाव में भाग लेने का निर्णय रणनीतिक प्रतीत होता है। वे एक या दो सीटों के लिए दबाव बना रहे हैं, जैसा कि उन्होंने झारखंड और दिल्ली में भाजपा से एक-एक सीट हासिल की थी। लेकिन बिहार सरकार पर उनका हमला महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी पार्टी के दो नेता राज्य सरकार में मंत्री हैं और वे खुद केंद्र में मंत्री हैं।
राजद और कांग्रेस के लोग इस स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि जदयू फिर से पलटी मार सकती है और इस बार जदयू, राजद और लोजपा मिलकर सरकार बना सकते हैं। बिहार के तीन प्रमुख नेताओं के बेटों की सरकार बनने की चर्चा हो रही है, जिसमें नीतीश के बेटे निशांत को सीएम और तेजस्वी यादव तथा चिराग पासवान को डिप्टी सीएम बनाने की बात की जा रही है। हालांकि, यह संभावना अभी दूर की कौड़ी है।
जानकार सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान के अलावा उपेंद्र कुशवाहा भी चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें अपनी पार्टी के टूटने का खतरा नजर आ रहा है। कहा जा रहा है कि उनके विधायक सीधे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। भाजपा के पास 88 विधायक हैं, जबकि जदयू के 85 विधायक हैं। यदि भाजपा अपने विधायकों की संख्या सौ पार कर लेती है, तो यह निर्भरता कम होगी और रोजाना की खींचतान भी समाप्त हो जाएगी।
