चीन की चुप्पी: भारत की UNSC दावेदारी पर क्या कहा बीजिंग?
भारत की UNSC दावेदारी पर चीन का रुख
चीन ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थायी सदस्यता के लिए दावेदारी पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने इस विषय पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए न तो समर्थन किया और न ही इनकार किया।
चीन का रुख और भारत की उम्मीदवारी
लिन जियान ने कहा कि चीन भारत की दावेदारी पर ध्यान दे रहा है। यह ध्यान देने योग्य है कि UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए चीन का रुख महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीजिंग अक्सर भारत की योजनाओं में बाधा डालता रहा है।
यूएन मुख्यालय में भारत का अभियान
इस सप्ताह सोमवार को, यूएन मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने UNSC में अस्थायी सीट के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण यूएन के प्रति विश्वास, ईमानदारी और नियमों के माध्यम से समग्र विकास पर आधारित है।
चुनाव की तारीखें
2028-29 के कार्यकाल के लिए UNSC के चुनाव अगले वर्ष जून में होंगे। इस दौरान भारत और ताजिकिस्तान एशिया-प्रशांत समूह की सीट के लिए अपनी-अपनी दावेदारी पेश करेंगे। इस पर मतदान जून 2027 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में होगा। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई पश्चिमी देश भारत के समर्थन में हैं, जबकि ताजिकिस्तान को 57 देशों के इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) का समर्थन प्राप्त है।
भारत का UNSC में इतिहास
डॉ. जयशंकर ने UNSC के अस्थायी सदस्य के रूप में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए सदस्य देशों से अपील की है। यदि भारत निर्वाचित होता है, तो वह 2028 से दो वर्षों के लिए सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनेगा। भारत अब तक 8 बार अस्थायी सदस्य रह चुका है।
