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चुनाव आयोग का विशेष अभियान: मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू

चुनाव आयोग ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में छूटे नागरिकों और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की स्थिति की पुष्टि करेंगे और पात्र पाए जाने पर फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम सूची में शामिल करेंगे। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
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मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। आयोग ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।


हाल ही में इन क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूचियों से लगभग 13 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह संख्या उन नामों की है जो मसौदा सूचियों से हटाए गए हैं, और इसका मतलब यह नहीं है कि सभी हटाए गए लोग योग्य मतदाता थे।


आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। 1 अक्टूबर 2026 के निर्देशों के अनुसार, SIR के दौरान छूटे मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।


इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मौजूदा मतदाता सूची का प्री-SIR सूची से मिलान करेंगे। जिन लोगों के नाम पुरानी सूची में थे लेकिन नई सूची में नहीं हैं, उनकी एक अलग सूची बनाई जाएगी।



इसके बाद, BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की स्थिति की पुष्टि करेंगे। यदि कोई व्यक्ति मतदाता के रूप में योग्य पाया जाता है, तो मौके पर ही फॉर्म-6 भरवाकर उसका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


घर-घर सत्यापन के दौरान नए और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की पहचान भी की जाएगी। यदि वे पात्र पाए जाते हैं, तो उनका भी फॉर्म-6 भरा जाएगा। आयोग ने इस अभियान को लगभग एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक BLO को प्रति सप्ताह कम से कम 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का निर्देश दिया गया है।


BLO अपनी सूची में प्रत्येक मतदाता की मौजूदा स्थिति दर्ज करेंगे और यह भी बताएंगे कि किन लोगों से फॉर्म-6 भरा गया है। तैयार सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा किया जाएगा।


BLO द्वारा भरे गए फॉर्म-6 और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को सौंपी जाएगी। ERO जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत इन आवेदनों पर निर्णय लेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ दोबारा साझा की जाएगी।


आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ना एक सतत प्रक्रिया है। जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं है या किसी कारण से हट गया है, वे नियमानुसार नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।


इसी बीच, गोवा में SIR के दौरान 'तार्किक विसंगतियों' के कारण छूटे मतदाताओं का मामला भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे 649 लोगों ने अपने दस्तावेज और आपत्तियां दर्ज कराईं। ERO और सहायक ERO की जांच में 97 लोगों को मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य पाया गया।


रिपोर्ट के अनुसार, गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने 11 से 17 फरवरी के बीच आठ बार चुनाव आयोग से इन 97 नामों को शामिल करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की अनुमति मांगी थी। हालांकि, 21 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में ये नाम शामिल नहीं हो सके।


बाद में गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि इन 97 मामलों को अलग से प्रक्रिया में लिया गया है और कई लोगों का नाम बाद में मतदाता सूची में शामिल किया जा चुका है, जबकि बाकी मामलों पर प्रक्रिया जारी है।


गोवा के मामलों के साथ मतदाता सूची और SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच आयोग की कुछ प्रक्रियाओं और फैसलों पर कई बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें मतदाता सूची, फॉर्म-6, मतदाताओं के नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दे शामिल थे।


अब चुनाव आयोग का नया विशेष अभियान यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि SIR के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो तो उसे दोबारा सूची में शामिल कराने का अवसर मिले और नए पात्र मतदाताओं को भी समय पर मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।