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चुनाव आयोग की छवि को लेकर बढ़ी चिंता, टोटलाइजर के उपयोग का विरोध

चुनाव आयोग ने अपनी छवि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच टोटलाइजर के उपयोग का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट के संबंध में पहले से ही जनता में संदेह है। यदि टोटलाइजर का उपयोग किया गया, तो यह संदेह और बढ़ सकता है। जानें इस मुद्दे की पूरी जानकारी और चुनाव आयोग की रणनीति के बारे में।
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चुनाव आयोग की नई रणनीति


जब भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, विपक्षी दल अक्सर पक्षपात का आरोप लगाते हैं। चाहे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार हों या वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, उनका रवैया आलोचनाओं को नजरअंदाज करने का होता है। लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग अपनी छवि को लेकर चिंतित है। ईवीएम और वीवीपैट के संबंध में उठ रहे सवालों के कारण जनता में संदेह उत्पन्न हो रहा है। इसीलिए, चुनाव आयोग ने टोटलाइजर के उपयोग का विरोध किया है।


इस मुद्दे पर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें मतगणना केंद्रों पर विभिन्न ईवीएम के वोटों को एक साथ गिनने के लिए टोटलाइजर के उपयोग की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि टोटलाइजर का उपयोग उचित नहीं होगा। आयोग ने यह भी बताया कि ईवीएम और वीवीपैट के संबंध में पहले से ही कई सवाल उठ रहे हैं, जिससे जनता में और अधिक संदेह पैदा होगा। इसलिए, आयोग ने टोटलाइजर के उपयोग का विरोध किया है। इसका संकेत है कि चुनाव आयोग को यह चिंता है कि यदि जनता में संदेह बढ़ता है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है।