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चुनाव आयोग ने ECINet विवाद पर दी सफाई, उठाए गए सवालों का किया जवाब

चुनाव आयोग ने ECINet विवाद पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के अनुसार कार्य करने की अनुमति दी गई है। आयोग ने एक समिति बनाने की योजना बनाई है, जो ECINet की समीक्षा करेगी। इस विवाद में मतदाता सूची के केंद्रीकरण और अधिकारियों की पहुंच को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया गया है। आयोग ने सुधारों की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

चुनाव आयोग ने शनिवार को अपने भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर स्पष्टीकरण दिया। आयोग ने बताया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को भेजे गए पत्र किसी नीतिगत मुद्दे से संबंधित नहीं थे। यह पत्र एक अधिकारी की कार्यप्रणाली के संदर्भ में था, जो ECI में प्रतिनियुक्ति पर तैनात है।


महत्वपूर्ण बैठक और निर्णय

इस विवाद पर चर्चा के लिए चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित अधिकारी के कार्य बंटवारे के आदेश दोनों आयुक्तों के निर्देशों के बावजूद लागू नहीं हुए थे। इसके अलावा, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) की IT डिवीजन पर निगरानी कभी वापस नहीं ली गई।


ECINet विवाद का विवरण

यह विवाद ECINet से संबंधित है, जिसे ECI ने 22 जनवरी को एक प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया था। इसमें 40 से अधिक एप्लिकेशन और पोर्टल शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि यह प्लेटफॉर्म कानूनी मानकों के अनुसार बनाया गया है, जबकि डायरेक्टर जनरल (IT) सीमा खन्ना ने इसके माध्यम से पारदर्शिता और जनता का विश्वास बढ़ाने का आश्वासन दिया था।


आधिकारिक चिंताएं

रिपोर्ट के अनुसार, बाद में मतदाता सूची को अपडेट करने वाले राज्य स्तरीय अधिकारियों की पहुंच को लेकर चिंताएं उठाई गईं। सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या ECINet अधिकारियों की वैधानिक शक्तियों को सीमित कर रहा है।


आयोग की सफाई

चुनाव आयोग ने बैठक में कहा कि फील्ड अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के अनुसार ECINet सिस्टम में भूमिका आधारित एक्सेस प्रदान की गई है। आयोग ने यह भी बताया कि एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होगा, जो ECINet की समीक्षा करेगा।


सुधारों की प्रक्रिया

आयोग ने कहा कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सुझावों के आधार पर पिछले कुछ महीनों में पोर्टल में कई सुधार किए गए हैं। यदि फील्ड अधिकारियों को और लचीलेपन की आवश्यकता होगी, तो उसे भी लागू किया जाएगा। अब से IT मॉड्यूल और पोर्टल से संबंधित सभी नई पहलों पर आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति में चर्चा की जाएगी।


ECINet की संरचना

आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि ECINet एक विकेंद्रीकृत प्लेटफॉर्म है, जिसमें कार्य फील्ड में तैनात अधिकारियों के पास ही रहता है। बूथ लेवल ऑफिसर, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपनी-अपनी अलग आईडी और पासवर्ड से कार्य करते हैं।