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चुनाव आयोग में विवाद: दो आयुक्तों की शिकायतें और कांग्रेस का आरोप

चुनाव आयोग में तीन कमिश्नरों के बीच सहमति की कमी की खबरें सामने आई हैं, जिसमें दो आयुक्तों ने महत्वपूर्ण निर्णयों पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमर्जी चला रहे हैं। इस विवाद पर CJP ने भी सवाल उठाए हैं, जिसमें 12 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का मुद्दा शामिल है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएँ क्या हैं।
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चुनाव आयोग में असहमति की स्थिति

चुनाव आयोग के तीन कमिश्नरों के बीच सहमति की कमी की खबरें सामने आई हैं। एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट ने इस मुद्दे को उजागर किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 10 महीनों में 14 बार ऐसे मौके आए जब अन्य चुनाव आयुक्त, विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू, ने कुछ निर्णयों पर आपत्ति जताई, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। इसके अलावा, कई मामलों में इन दोनों आयुक्तों की राय भी नहीं ली गई। बताया गया है कि उन्होंने इस संबंध में लिखित शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये निर्णय विशेष गहन समीक्षा (SIR) से भी जुड़े हुए थे.


रिपोर्ट की मुख्य बातें

रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों आयुक्तों ने नए मतदाताओं को जोड़ने और पुराने मतदाताओं के नाम हटाने के फैसले के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने इस निर्णय को अवैध करार दिया और दिल्ली से वोटर डेटाबेस को एक्सेस करने पर भी सवाल उठाए। इन दोनों ने इस मुद्दे को कैबिनेट सेक्रेटरी के सामने भी उठाया.


कांग्रेस का बीजेपी पर हमला

इस मामले पर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी के करीबी ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। पार्टी ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार शिकायत की है कि उन्हें महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी नहीं दी जाती। कांग्रेस ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार मोदी के इशारों पर काम कर रहे हैं और चुनाव आयोग पर कब्जा कर लिया है.


CJP की प्रतिक्रिया

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत के दुश्मन हैं और 12 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। यह संख्या 2024 के लोकसभा चुनाव में रजिस्टर्ड मतदाताओं का लगभग 12.4 प्रतिशत है.


विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस रिपोर्ट के बाद हंगामा मच गया है और कई विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने लंबे समय से चुनावों में धांधली के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इस पर चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है.