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छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के आरोपों पर विवाद, बजरंग दल का हंगामा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक होटल में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कथित धर्मांतरण के आरोप में हंगामा किया। होटल में 40 लोगों के ठहरने की व्यवस्था थी, जिसमें से कई हिंदू परिवार के सदस्य थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें होटल की बुकिंग और वहां ठहरे लोगों की पहचान शामिल है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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धर्मांतरण का विवाद

धर्मांतरण का मामला: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक होटल में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कथित धर्मांतरण की आशंका जताते हुए होटल में पहुंचकर हंगामा किया, जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जानकारी जुटाई।


होटल में बुकिंग और लोगों की संख्या

होटल में लगभग 15 कमरे बुक किए गए थे, जिसमें करीब 40 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। बताया जा रहा है कि इसमें लाफा, पाली और कटघोरा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल थे।


धर्मांतरण के आरोप और बजरंग दल का विरोध

 


जांच की प्रक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, सभी कमरे जॉन मसीह के नाम पर बुक किए गए थे, जिनमें से लगभग 10 लोग हिंदू परिवार से थे। बजरंग दल के जिला प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। केवल प्रार्थना सभा का आयोजन अवैध धर्मांतरण को साबित नहीं करता।


बिना पहचान पत्र ठहरने का मामला

विवाद के दौरान कुछ व्यक्तियों के बीच हाथापाई की भी सूचना मिली है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसके अलावा, होटल में कुछ लोगों के बिना पहचान पत्र ठहरने का आरोप भी लगाया गया है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की। अब होटल की बुकिंग, वहां ठहरे लोगों की पहचान, प्रार्थना सभा के आयोजन और विवाद के दौरान हुई मारपीट की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही धर्मांतरण के आरोपों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।