जंतर-मंतर पर अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकी गई, भूख हड़ताल जारी
जंतर-मंतर पर हुई घटना
जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकी गई। यह घटना उस समय हुई जब वे लोगों को संबोधित कर रहे थे। अचानक एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी, जिससे धरनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। अभिजीत ने मंच पर उपस्थित अन्य लोगों को शांत करने का प्रयास किया और बाद में सोशल मीडिया पर लिखा, 'नीला मेरा पसंदीदा रंग है… जय भीम!' इस बीच, दिल्ली पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
भूख हड़ताल का ऐलान
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के 21 दिन बाद, दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद, अभिजीत दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, 'मैं आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं। मैं सभी से अपील करता हूं कि पीछे न हटें; यह आंदोलन और बड़ा होगा। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है। मैं सभी से जंतर-मंतर आने का आग्रह करता हूं। हमारा आंदोलन यहां से जारी रहेगा और हम 20 जुलाई को तय अपना मार्च आगे बढ़ाएंगे।'
सोनम वांगचुक की स्थिति
नीट परीक्षा में धांधली के खिलाफ सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे। शनिवार सुबह, दिल्ली पुलिस ने उन्हें धरनास्थल से हटाया। उनके समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और सफदरजंग अस्पताल में सुरक्षा को कड़ा कर दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है।
