जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला, दो घायल
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन
जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस आंदोलन के दौरान हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। इस झड़प में दिल्ली पुलिस के दो जवान घायल हो गए।
घायलों की पहचान
घायलों में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंदकिशोर और हेड कांस्टेबल बाबू लाल शामिल हैं। इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने बताया कि वह जंतर-मंतर पर नाइट ड्यूटी पर थे, जब उन पर हमला हुआ।
'छात्रों से डर नहीं लगा'
उन्होंने कहा, 'मैं जंतर-मंतर पर नाइट ड्यूटी पर था। भीड़ इतनी अधिक थी कि मुझे गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं मिली। मैंने हनुमान मंदिर रोड पर गाड़ी पार्क की और फिर पैदल चलने लगा। वहां बहुत सारे छात्र थे, इसलिए मुझे डर नहीं लगा।'
हमले का विवरण
इंस्पेक्टर ने आगे कहा, 'जब मैं संसद मार्ग पर पहुंचा, तो वहां लगभग 2,500 लोगों की भीड़ थी। अचानक वे गुस्से में आ गए और मुझ पर हमला कर दिया। लगभग 150 लोगों ने मुझ पर लाठियों और डंडों से हमला किया। मुझे बचाने के लिए एक पुलिस टीम आई और बाद में मुझे RML अस्पताल में भर्ती कराया गया।'
सीनियर अफसरों की भी चोटें
उन्होंने कहा, 'कुछ सीनियर अफसर भी घायल हुए हैं। ये छात्र नहीं हैं, बल्कि असामाजिक तत्व हैं जो पुलिस की वर्दी को देखकर हमला कर रहे हैं। पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।'
'भीड़ में चाकू और डंडे'
इसी हमले में घायल हेड कांस्टेबल बाबू लाल ने कहा, 'भीड़ अचानक आ गई और मुझे पकड़ लिया। उन्होंने मुझे बुरी तरह से पीटा। उनके पास पत्थर, डंडे और चाकू थे। मुझे नहीं पता वे कहां से आए थे। कुछ अच्छे लोग भी थे जिन्होंने मेरी मदद की।'
ड्यूटी के दौरान की स्थिति
उन्होंने बताया, 'हम सुबह 8 बजे से ड्यूटी पर थे। भीड़ पूरे दिन वहां थी और शाम को स्थिति और बिगड़ गई। यह द पार्क होटल के पास हुआ। मुझे काफी चोटें आईं।'
