जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने घाटी में छिपे हुए आतंकियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इस क्रम में, सीआईके ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन सहित चार अन्य खतरनाक आतंकियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। पुलिस ने इन फरार आतंकियों के घरों के बाहर सार्वजनिक घोषणा के तहत पोस्टर चिपकाए हैं, जिसमें उन्हें अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया गया है।
1996 से फरार आतंकियों की तलाश
सीआईके के अनुसार, ये चारों आतंकी कमांडर 1996 से एक मामले में लगातार गिरफ्तारी से बचते आ रहे हैं और जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से भाग रहे हैं। जांच एजेंसियां इनकी तलाश में जुटी हुई हैं। घरों के बाहर चिपकाए गए पोस्टरों के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और अब इनकी छिपने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
14 जुलाई तक अदालत में पेश होने का आदेश
न्यायालय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सभी फरार आरोपियों को 14 जुलाई को सुबह 10 बजे तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि यदि ये आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने सबूत के तौर पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की है।
सलाहुद्दीन सहित अन्य आतंकियों पर कार्रवाई
सीआईके द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन आतंकियों के खिलाफ प्रोक्लेमेशन आदेश लागू किया गया है, उनमें बड़गाम का रहने वाला और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (UJC) का आतंकी मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन सबसे प्रमुख है। इसके अलावा, अनंतनाग का कुख्यात हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर गुलाम नबी खान, बांदीपोरा निवासी शेर मोहम्मद और नासिर यूसुफ कादरी भी इस वांटेड लिस्ट में शामिल हैं।
