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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या की

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या कर दी। यह घटना धर्म पूछने के बाद हुई, जिसमें दोनों श्रमिक छत्तीसगढ़ के निवासी थे। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस हमले को आतंकी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने अंजाम दिया है। पिछले साल भी इसी तरह की एक घटना में 26 पर्यटकों की हत्या की गई थी। जानें इस घटना के पीछे की साजिश और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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कुलगाम में हुई हत्या की घटना


श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकवादियों ने गैर-कश्मीरी श्रमिकों को अपना निशाना बनाया है। आतंकियों ने धर्म पूछकर दो श्रमिकों की हत्या कर दी है। ये दोनों श्रमिक छत्तीसगढ़ के निवासी थे और ईंट भट्टे पर काम कर रहे थे। यह घटना कुलगाम के दक्षिणी क्षेत्र में हुई। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस हमले को आतंकी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने अंजाम दिया है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है।


यह घटना शुक्रवार की रात को हुई। मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने बताया कि आतंकियों ने धर्म पूछकर दो लोगों को गोली मारी। पिछले साल पहलगाम में भी इसी तरह 26 पर्यटकों की हत्या की गई थी। बताया जा रहा है कि इस हमले को मोहम्मद लतीफ ने अंजाम दिया, जिसने 22 जुलाई को अनंतनाग में एक हेड कॉन्स्टेबल की भी हत्या की थी।


सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात लगभग साढ़े आठ बजे कुलगाम के केलाम में आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो हिंदू श्रमिकों को नाम पूछकर गोली मारी। पुलिस को इस घटना की जानकारी मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने दी। दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के निवासी थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, लतीफ और उसका साथी मोटरसाइकिल पर श्रमिकों के पास पहुंचे, पहचान पत्र चेक किए और फिर नजदीक से गोलीबारी की।


खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस गोलीबारी की साजिश सीमा पार बैठे लश्कर के हैंडलर्स ने रची है। मुख्य संदिग्ध सज्जाद जट्ट उर्फ सैफुल्ला है, जो पाकिस्तान में जैश का सीनियर हैंडलर है। पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर के ईंट भट्ठों पर कई आतंकी हमले हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने यहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। इस भट्ठे पर भी सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जिनके फुटेज की जांच की जा रही है।