जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार में नए मंत्रियों की नियुक्ति
उमर अब्दुल्ला सरकार में मंत्रिमंडल में बदलाव
जम्मू और कश्मीर में उमर अब्दुल्ला की सरकार में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। लोकभवन ऑडिटोरियम में चार नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अल्ताफ कालू, मीर सैफुल्लाह, शमीना फिरदौस और अली मोहम्मद सागर को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले, पिछले मंत्रिमंडल के सभी पांच मंत्रियों ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
नए मंत्रियों की पहचान
उमर अब्दुल्ला ने अपने लिए एक नया मंत्रिमंडल चुना है। जम्मू कश्मीर के सत्तारूढ़ दल में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें पहले से चल रही थीं। यह बदलाव मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस की सहयोगी पार्टी कांग्रेस इस विस्तार का हिस्सा नहीं है, लेकिन वह सरकार को समर्थन दे रही है.
किसका पत्ता कटा?
विधायक मुबारक गुल इस नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हैं और उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि वह 30 बार मंत्रियों के शपथ ग्रहण में शामिल हुए, लेकिन उन्हें कभी मंत्री बनने का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा, सांसद आगा रहुल्ला मेहदी भी इस बदलाव से नाराज दिखाई दे रहे हैं.
उमर अब्दुल्ला के नए मंत्री कौन हैं?
अली मोहम्मद सागर, जो नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता हैं, और सात बार के विधायक हैं, नए मंत्रियों में शामिल हैं। कुपवाड़ा के त्रेहगाम से विधायक मीर सैफुल्ला ने भी शपथ ली है। इसके अलावा, हब्बाकादल की विधायक शमीना फिरदौस और पहलगाम के विधायक अल्ताफ अहमद वानी उर्फ कल्लू भी मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं.
कांग्रेस की स्थिति
कांग्रेस पार्टी बार-बार यह स्पष्ट कर रही है कि जब तक जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक वह मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेगी। पार्टी सरकार को बाहर से समर्थन देने का निर्णय ले चुकी है.
