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जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से आई बाढ़: डोडा जिले में सड़कें बंद

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार को मौसम ने गंभीर मोड़ लिया, जब भारी बारिश के बीच दो बार बादल फटने की घटनाएं हुईं। इसके परिणामस्वरूप, तेज बहाव के साथ पानी और मलबा बह गया, जिससे कई सड़कें बंद हो गईं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। राहत कार्य तब शुरू होगा जब मौसम में सुधार होगा। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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खतरनाक मौसम का सामना


श्रीनगर: बुधवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मौसम ने अचानक गंभीर मोड़ ले लिया। भलेसा क्षेत्र के कलालगीसर में भारी बारिश के दौरान दो बार बादल फटने की घटनाएं हुईं। इसके परिणामस्वरूप, तेज बहाव के साथ पानी और मलबा नीचे की ओर बह गया, जिससे कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।


बाढ़ के कारण सड़कें बंद

अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हाल के दिनों में लगातार बारिश हो रही थी, और बादल फटने की घटनाओं ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। अचानक आई बाढ़ के कारण बड़ी मात्रा में मलबा, जैसे पत्थर और मिट्टी, सड़कों पर जमा हो गया, जिससे कई मार्ग बंद हो गए। इसका सबसे अधिक प्रभाव भलेसा पट्टी के गांवों पर पड़ा, जिनका सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।




प्रशासन की सतर्कता

प्रशासन ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। राहत कार्य और सड़क बहाली का कार्य तब शुरू होगा जब मौसम में सुधार होगा और संबंधित क्षेत्रों में काम करना सुरक्षित होगा।


स्थानीय लोगों से अपील


स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से। नागरिकों को केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।


प्रशासनिक टीमें प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सड़क संपर्क बहाल करने और आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। मौसम सामान्य होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।


प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करना है। मौसम विभाग ने भी लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।