जयपुर में CJP टीम का स्कूल निरीक्षण: ग्रामीणों का विरोध और हिंसा की घटनाएं
CJP टीम का स्कूल निरीक्षण और ग्रामीणों का विरोध
जयपुर: राजस्थान की राजधानी में सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीणों ने टीम को गांव से बाहर निकाल दिया। CJP ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने बताया कि उनकी टीम स्कूल का निरीक्षण करने आई थी, जो पिछले कई वर्षों से जर्जर भवन के कारण भैंसों के बाड़े में चल रहा है। रांका ने यह भी कहा कि टीम के पहुंचने से पहले ही बीजेपी समर्थक वहां मौजूद थे और उन्होंने CJP कार्यकर्ताओं का विरोध शुरू कर दिया।
Ashu has been attacked by BJP goons in Rajasthan.
Ashu and other volunteers of CJP were beaten up and have been injured.@PoliceRajasthan has allowed this to happen. pic.twitter.com/pc7c3GCAfV
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 21, 2026
रांका ने आरोप लगाया कि स्वयंसेवकों पर हमला किया गया, वाहनों के शीशे तोड़े गए और एक महिला कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि उनकी शर्ट फाड़ दी गई और टीम के एक सदस्य का हाथ टूट गया। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर भी फेंके।
रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चेतावनी दी कि आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो संगठन पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेगा।
CJP कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें आतंकवादी और नक्सली तक कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुविधाओं की स्थिति देखने आया था।
दरअसल, CJP की टीम शुक्रवार सुबह रामपुरा कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीण मुख्य रास्ते पर इकट्ठा हो गए थे और आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रहे थे। जैसे ही टीम स्कूल पहुंची, विरोध शुरू हो गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
विरोध कर रहे ग्रामीणों और बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने 12.50 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने स्तर पर स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार करेंगे और किसी बाहरी संगठन को निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देंगे।
हालांकि, स्कूल की स्थिति भी चिंताजनक है। भवन की पट्टियां टूटने के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इसे बंद कर दिया गया है। बच्चों को 50 मीटर दूर एक बाड़े में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहां टीनशेड के नीचे पढ़ाई हो रही है।
CJP ने आरोप लगाया है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को उजागर करने से रोकने के लिए सरकार ने स्कूलों में आम जनता और मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है। संगठन ने कहा कि वह सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति को उजागर करने का अभियान जारी रखेगा।
CJP टीम के अनुसार, शुक्रवार सुबह 11:30 बजे वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय सरकारी स्कूल का भी निरीक्षण किया जाना है। टीम यहां स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं, भवन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों से भी बातचीत करेगी।
फिलहाल रामपुरा कंवरपुरा में CJP के विरोध में ग्रामीणों का धरना जारी है। स्कूल निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों में बाहरी संगठनों की एंट्री के मुद्दे पर राजनीतिक बहस का रूप लेता नजर आ रहा है।
