Newzfatafatlogo

जर्मनी में हरियाणा के युवक की हत्या: परिवार की मदद की गुहार

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के 25 वर्षीय युवक विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में चाकू से हत्या कर दी गई। परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में उसे विदेश भेजा था, लेकिन उसकी हत्या ने उनके सपनों को चूर-चूर कर दिया। अब परिवार को उसके शव को भारत लाने के लिए आर्थिक मदद की आवश्यकता है। जानें इस दुखद घटना की पूरी कहानी और परिवार की मदद की गुहार।
 | 

हरियाणा के युवक की जर्मनी में हत्या


हरियाणा के कुरुक्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 25 वर्षीय विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में चाकू से हत्या कर दी गई। विशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसे बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश भेजा गया था। उसकी मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब उनका सबसे बड़ा चिंता का विषय बेटे का शव भारत लाना है।


प्लॉट बेचकर भेजा था विदेश

विशु के पिता, नीरज शर्मा, एक ज्वैलर के पास काम करते हैं और उन्होंने अपने बेटे के भविष्य के लिए अपना प्लॉट बेचकर लगभग 20 लाख रुपये जुटाए थे। इसी पैसे से उन्होंने विशु को विदेश भेजने की योजना बनाई थी। परिवार के अनुसार, विशु ने नवंबर 2022 में पुर्तगाल की यात्रा की थी और वहां लगभग एक साल बिताया। इसके बाद वह फ्रांस चला गया, जहां उसने सेना की ट्रेनिंग ली।


जर्मनी में काम कर रहा था

फ्रांस की सेना से बाहर निकलने के बाद, विशु जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में डिलीवरी का काम कर रहा था। उसके अधीन एक टीम भी काम करती थी। परिवार को उम्मीद थी कि उसे जल्द ही पुर्तगाल की नागरिकता मिल जाएगी, लेकिन उसकी हत्या ने सभी सपनों को चूर-चूर कर दिया।


चाकू से हमला

परिवार के अनुसार, सोमवार रात कुछ युवकों ने विशु को मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान किसी बात पर बहस हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तीन युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद, उसके रूममेट गौरव ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


शव की पहचान टैटू से हुई

विशु के रिश्तेदार ने अस्पताल में जाकर उसके शव की पहचान की। उसके हाथ और गर्दन पर बने टैटू से यह पुष्टि हुई कि शव विशु का ही है। परिवार को बेटे की मौत की सच्चाई का पता चलने पर वे पूरी तरह से टूट गए।


शव लाने के लिए आर्थिक मदद की आवश्यकता

विशु का शव भारत लाने के लिए परिवार को लगभग 12 लाख रुपये की आवश्यकता है, जो उनके लिए जुटाना मुश्किल है। विशु के पिता पहले ही अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए अपना प्लॉट बेच चुके थे। अब परिवार ने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री से मदद की अपील की है ताकि उनका बेटा घर लौट सके।