जल्द ही बारिश की संभावना: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने बादल
मौसम में बदलाव की उम्मीद
बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया से मौसम में आएगा बदलाव
नई दिल्ली: भारत के मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कमी को लेकर एक सकारात्मक सूचना दी है। यदि यह जानकारी सही साबित होती है, तो देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव आएगा और बारिश की कमी से जूझ रहे राज्यों में भी झमाझम बारिश की संभावना है।
IMD की सैटेलाइट तस्वीरों में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठे घने बादलों का एक बड़ा क्षेत्र भारत की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
क्लाउड बैंड की लंबाई
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन बादलों में मॉनसून की नमी भरी हुई है, जो उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में बारिश ला सकती है। हाल ही में बंगाल की खाड़ी से मध्य प्रशांत महासागर तक 7000-10000 किलोमीटर लंबा क्लाउड बैंड देखा गया था। अब समुद्र से एक नया क्षेत्र सक्रिय हो गया है।
ये बादल मुख्य रूप से उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट से जुड़े हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन बादलों के कारण अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में मॉनसून फिर से सक्रिय हो सकता है। इससे ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आस-पास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है।
मानसून की कमी
इस वर्ष दक्षिण पश्चिमी मानसून ने विशेषकर उत्तरी भारत, खासकर पंजाब और हरियाणा में अपेक्षा से कम बारिश की है। इन राज्यों में खरीफ की फसलों की सिंचाई में किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यदि नया सिस्टम सक्रिय होता है, तो यह इन राज्यों के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। देशभर में अब तक मॉनसून की कुल बारिश में लगभग 15 से 18% की कमी दर्ज की गई है। जून में सामान्य से 40% कम बारिश हुई थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश के कारण इस कमी में सुधार हुआ है।
