जापान ने रूस से 'वॉर विक्ट्री प्रतिमा' हटाने की मांग की
जापान की अपील
टोक्यो: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने शनिवार को रूस से खाबरोव्स्क में स्थापित 'वॉर विक्ट्री प्रतिमा' को हटाने का अनुरोध किया। इस मूर्ति में एक सोवियत सैनिक को 'क्रिसेंथेमम' (गुलदाउदी के फूल जैसा) चिह्न वाले पत्थर के खंभे को नष्ट करते हुए दर्शाया गया है।
जापान की भावनाएं
ताकाइची ने कहा कि इस प्रकार के स्मारक का होना 'बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं' है। क्योडो न्यूज एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा, '4 सितंबर को खाबरोव्स्क में स्थापित कांस्य प्रतिमा में जापानी चिह्न को नष्ट करते दिखाना बिल्कुल भी उचित नहीं है। यह मूर्ति रचनात्मकता की कमी को दर्शाती है, खासकर जब गुलदाउदी का फूल जापान का प्रतीक है। यह जापानी लोगों की भावनाओं को आहत करता है। हमने रूसी पक्ष से इसे हटाने का अनुरोध किया है, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जापान इस मुद्दे पर अपनी स्थिति को मजबूती से रखेगा।'
प्रतिमा का विवरण
यह स्मारक रूस के खाबरोव्स्क के 'मुराव्योव-अमूर्स्की रीजनल पार्क' में स्थापित किया गया है, जिसकी ऊंचाई 15 मीटर है। इसमें सोवियत सैनिक को एक पत्थर को तोड़ते हुए दिखाया गया है, जिस पर गुलदाउदी का चिह्न अंकित है, जो जापान के शाही परिवार और सैन्यवाद का प्रतीक माना जाता है।
जापान-रूस संबंधों में तनाव
हाल के दिनों में जापान और रूस के बीच तनाव बढ़ गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा कि टोक्यो और मास्को के बीच रिश्तों में खटास 'पूरी तरह से जापान की गलती' है। यह बयान पिछले महीने होक्काइडो के पास रूस के कब्जे वाले द्वीप समूह की यात्रा के बाद आया, जिसे जापान द्वारा दावा किया जाता है।
द्वीपों का विवाद
पुतिन ने कहा कि मॉस्को ने जापान के साथ अपने रिश्तों को 'बहुत सावधानी' से संभाला है और वे इन द्वीपों के बारे में शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। जापान का कहना है कि एतोरिफु, कुनाशिरी, शिकोटान और हाबोमाई द्वीप समूह पर सोवियत संघ ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद गैर-कानूनी तरीके से कब्जा किया था, जबकि रूस का तर्क है कि यह कब्जा वैध था। जापान की सरकार ने पुतिन के बयानों को 'स्वीकार्य नहीं' बताया है।
सरकारी प्रतिक्रिया
चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मिनोरू किहारा ने टोक्यो में एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन मुद्दों पर चर्चा की।
