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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग: भूख हड़ताल का 17वां दिन

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल 17वें दिन भी जारी है। इस दौरान परिसर में तोड़फोड़ की घटनाओं ने विवाद को बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया है कि नकाबपोश लोगों ने परिसर में तोड़फोड़ की। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। इस बीच, 106वां स्थापना दिवस समारोह भी रद्द कर दिया गया है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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छात्रों की भूख हड़ताल जारी, विवाद बढ़ा


जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल बुधवार को 17वें दिन भी जारी रही। इस आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में दीवारों और प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने विवाद को और बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया है कि 27 अक्टूबर की रात एक नकाबपोश समूह परिसर में घुस आया और लोहे की छड़ों, हथौड़ों और अन्य औजारों से तोड़फोड़ की। प्रशासन के अनुसार, इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


छात्रसंघ की बहाली की मांग पर अड़े छात्र

आंदोलनकारी छात्र छात्रसंघ की बहाली के लिए लिखित आश्वासन और चुनाव की समयसीमा की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, विश्वविद्यालय का 106वां स्थापना दिवस समारोह भी रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने एनएसयूआई के जामिया अध्यक्ष फैजान को हिरासत में लिया है। हालांकि, तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच के तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।


छात्रसंघ चुनाव के लिए लिखित आश्वासन की मांग

बुधवार को छात्रों और शिक्षकों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का आठवां दौर आयोजित हुआ। छात्रों ने मांग की कि छात्रसंघ के गठन का मसौदा 20 दिसंबर तक मंजूर किया जाए, जिसके बाद 15 दिनों के भीतर चुनाव की तारीख घोषित की जाए और 5 फरवरी 2027 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि बातचीत के दौरान उन्हें अपनी मांगों पर पुनर्विचार करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इससे सहमति नहीं दी।


प्रशासन का आरोप: परिसर में तोड़फोड़

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि परिसर में नुकसान की सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल टीम और शिक्षक मौके पर पहुंचे। वहां प्रवेश द्वार और दीवारों को क्षतिग्रस्त पाया गया। प्रशासन का आरोप है कि नकाबपोश लोग अन्य छात्रों को आंदोलन में शामिल करने के लिए छात्रावास तक पहुंचे थे। प्रशासन ने यह भी कहा कि वीडियो और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में नुकसान पहुंचाने के लिए औजारों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।


महिला शिक्षकों को धमकाने की शिकायत

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया है कि महिला शिक्षकों और वार्डन ने महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ा। इस आरोप ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विश्वविद्यालय पहुंचने की चर्चा भी रही, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई।


106वें स्थापना दिवस समारोह रद्द

जामिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 29 अक्टूबर को प्रस्तावित स्थापना दिवस समारोह और तालीमी मेले को रद्द कर दिया गया है। इस वर्ष चार दिन के कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी, जबकि पिछले साल छह दिनों तक आयोजन हुआ था। अधिकारी ने कहा कि यह फैसला लंबे समय से चली आ रही परंपरा में असाधारण है। विश्वविद्यालय ने पहले ही 24 अक्टूबर के नोटिस के जरिए कक्षाएं 8 नवंबर तक ऑनलाइन माध्यम से चलाने का निर्णय लिया था।