जीशान सिद्दीकी को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस ने शुरू की जांच
मुंबई में जीशान सिद्दीकी को मिली नई धमकी
मुंबई: NCP के नेता जीशान सिद्दीकी, जो दिवंगत बाबा सिद्दीकी के बेटे हैं, को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। पुलिस के अनुसार, जीशान को विदेश में रहते हुए Portugal के एक नंबर से एक वॉयस नोट प्राप्त हुआ। इस संदेश में एक व्यक्ति ने खुद को जीशान अख्तर बताते हुए रोहित गोदारा गैंग से संबंध होने का दावा किया। जीशान ने मुंबई लौटने के बाद बांद्रा पश्चिम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों को सूचित किया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जीशान को यह वॉयस नोट तब मिला जब वह विदेश में थे। संदेश Portugal के नंबर से आया था, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम जीशान अख्तर बताया और रोहित गोदारा गैंग से जुड़ने का दावा किया। पुलिस ने शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
बाबा सिद्दीकी की हत्या का संदर्भ
बाबा सिद्दीकी की हत्या का भी किया जिक्र
पुलिस के अनुसार, धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि उसने दो साल पहले एक साथी गैंग सदस्य से बाबा सिद्दीकी को खत्म करने के लिए कहा था। इस दावे की भी जांच की जा रही है। जीशान ने मुंबई लौटने के बाद बांद्रा पुलिस से संपर्क किया और पूरी स्थिति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री और पुलिस को सूचित किया
मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों को दी जानकारी
जीशान सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस धमकी के बारे में सूचित किया है। उनका कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस अब वॉयस नोट, फोन नंबर और धमकी देने वाले की पहचान से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
पहले भी मिली थी धमकी
पहले भी मिली थी 10 करोड़ की धमकी
जीशान ने पहले भी धमकी मिलने की बात कही थी। अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल 22 अप्रैल को उन्हें एक ईमेल मिला था, जिसमें कथित तौर पर उनकी हत्या करने की धमकी दी गई थी और 10 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। उस मामले को भी पुलिस ने गंभीरता से लिया था।
बाबा सिद्दीकी की हत्या का मामला
2024 में हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना उनके बेटे के कार्यालय के बाहर हुई थी, जहां तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं। बाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। जांच में कई संदिग्धों और सहयोगियों की भूमिका सामने आई थी।
