जेडीयू ने अनंत कुमार सिंह और नीलम देवी को निष्कासित किया
जेडीयू की कार्रवाई
पटना- जनता दल (यूनाइटेड) ने मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। उन्हें अगले छह वर्षों के लिए जेडीयू से बाहर किया गया है। इसके साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी इसी अवधि के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।
जेडीयू द्वारा जारी एक आदेश में बताया गया है कि अनंत सिंह लगातार पार्टी के निर्देशों की अनदेखी कर रहे थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ काम किया।
पार्टी के अनुसार, अनंत सिंह ने जेडीयू के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार किया और अन्य दल के उम्मीदवार का समर्थन किया। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए यह कार्रवाई की गई है।
जेडीयू ने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की जाएगी कि अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत रद्द की जाए।
पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी दल विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है, जिसके चलते उन्हें भी छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।
हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी की नीति के खिलाफ जाकर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन किया था। उन्होंने जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया और जन सुराज के पक्ष में प्रचार किया।
हालांकि, चुनाव के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नीरज कुमार से मुलाकात की थी, जिसे पार्टी नेतृत्व के नीरज कुमार के साथ खड़े होने के संकेत के रूप में देखा गया।
अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि जेडीयू नेतृत्व अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है।
