जेपी नड्डा ने छात्रों के मुद्दों पर की गंभीर चर्चा, राहुल गांधी पर लगाए आरोप
छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर नड्डा की प्रतिक्रिया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार रात को बीजेपी कार्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से मना किया और इसे गंभीर समस्या बताया, जिस पर गहन चर्चा की आवश्यकता है। नड्डा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
संसद में चर्चा की आवश्यकता
नड्डा ने कहा, 'हमें आरोप-प्रत्यारोप से परे जाकर इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए। संसद इस चर्चा के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है और हम इसके लिए तैयार हैं। हमें पेपर लीक के कारणों और इसमें शामिल लोगों पर विचार करना चाहिए। जब भी पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, हमने उन्हें कैसे संभाला है, यह भी महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लाखों छात्रों के साथ अन्याय न हो।'
राहुल गांधी की प्रस्तुति पर नड्डा की टिप्पणी
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की संसद में की गई प्रस्तुति का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के मामलों की चर्चा की। नड्डा ने कहा कि यह एक जांच का विषय है और एक जिम्मेदार सरकार इसे गंभीरता से लेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हालचाल
जेपी नड्डा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात के बारे में बताया कि वे आईसीयू में हैं और उन्हें अस्पताल से स्थानांतरित किया गया है। नड्डा ने उनसे अनुरोध किया कि वे अनशन समाप्त करें और बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन करें।
सीजेपी के साथ सकारात्मक बातचीत
जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बारे में कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि वे अपनी बातें लिखकर दें, तो यह बेहतर होगा।
विपक्ष शासित राज्यों में पेपर लीक के मामले
जेपी नड्डा ने विभिन्न विपक्ष शासित राज्यों में पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया, जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब और कर्नाटक। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी सूची है और सही समय पर इस पर चर्चा की जाएगी।
राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे यूपीए सरकारों के बारे में चर्चा क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि उनका उद्देश्य छात्रों का कल्याण नहीं है, बल्कि वे राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।
