जेवर एयरपोर्ट का नाम अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर
उत्तर प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत एयरपोर्ट का नाम 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' रखा जाएगा।
बैठक के बाद, मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की जनसेवा को देश और प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान कैबिनेट ने कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उनके योगदान का सम्मान करते हुए यह प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश से गहरा संबंध है और उनके नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण को अपने कार्य का आधार बनाया है। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को 500 वर्षों के इंतजार की समाप्ति से जोड़ा और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण तथा विदेश से मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी को भी प्रधानमंत्री के प्रयासों के महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, लेकिन अब एक्सप्रेसवे, हाईवे, मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसी परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। जेवर एयरपोर्ट के विकास से उत्तर प्रदेश की हवाई संपर्क व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3,300 एकड़ क्षेत्र में टर्मिनल और रनवे विकसित किए गए हैं। इसकी प्रारंभिक यात्री क्षमता सालाना लगभग 1.2 करोड़ है। सभी चार चरण पूरे होने पर इसे एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास का भी उल्लेख किया, जिसमें लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई और पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं, जो निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। बेहतर सड़क और हवाई संपर्क से उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक हब के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इस बीच, ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। बसों की खरीद के लिए निर्धारित नीति के तहत सबसे कम दर देने वाली कंपनी से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी, जबकि बाकी बसें उत्तर प्रदेश में बसों का निर्माण करने वाली कंपनियों से ली जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए चल रही योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं और 3.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जा रहा है।
